दैनिक पंचांग
बेंगलुरु पंचांग, सोम, 31 जुलाई 2034
सोम, 31 जुलाई 2034 को बेंगलुरु में सूर्योदय सुबह 6:05 पर और सूर्यास्त शाम 6:46 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा है, जो सुबह 11:24 तक रहेगी, और नक्षत्र श्रवण है, जो तड़के 4:45 तक रहेगा। योग विष्कम्भ और करण बव है। राहु काल सुबह 7:40 – सुबह 9:15 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:05
- सूर्यास्त
- शाम 6:46
- तिथि
- पूर्णिमा · सुबह 11:24 तक
- नक्षत्र
- श्रवण · तड़के 4:45 तक
- योग
- विष्कम्भ
- करण
- बव
- वार
- सोमवार
- राहु काल
- सुबह 7:40 – सुबह 9:15
- यमगंड
- सुबह 10:50 – दोपहर 12:25
- गुलिक काल
- दोपहर 2:01 – दोपहर 3:36
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:54 – दोपहर 12:42
- अमृत काल
- सुबह 6:52 – सुबह 8:27
आज बेंगलुरु में
सोम, 31 जुलाई 2034 को बेंगलुरु में सूर्योदय सुबह 6:05 पर और सूर्यास्त शाम 6:46 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा है, जो सुबह 11:24 तक रहेगी, और नक्षत्र श्रवण है, जो तड़के 4:45 तक रहेगा। योग विष्कम्भ और करण बव है। राहु काल सुबह 7:40 – सुबह 9:15 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल बेंगलुरु के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| मंगल, 1 अगस्त 2034 | प्रतिपदा | धनिष्ठा | दोपहर 3:36 – शाम 5:11 |
| बुध, 2 अगस्त 2034 | द्वितीया | शतभिषा | दोपहर 12:25 – दोपहर 2:00 |
| गुरु, 3 अगस्त 2034 | तृतीया | पूर्वा भाद्रपद | दोपहर 2:00 – दोपहर 3:35 |
| शुक्र, 4 अगस्त 2034 | चतुर्थी | उत्तरा भाद्रपद | सुबह 10:50 – दोपहर 12:25 |
| शनि, 5 अगस्त 2034 | षष्ठी | रेवती | सुबह 9:15 – सुबह 10:50 |
| रवि, 6 अगस्त 2034 | सप्तमी | अश्विनी | शाम 5:09 – शाम 6:44 |
सामान्य प्रश्न
सोम, 31 जुलाई 2034 को बेंगलुरु में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा है; सुबह 11:24 तक।
सोम, 31 जुलाई 2034 को बेंगलुरु में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र श्रवण है; तड़के 4:45 तक।
सोम, 31 जुलाई 2034 को बेंगलुरु में राहु काल कब है?
बेंगलुरु में राहु काल सुबह 7:40 – सुबह 9:15 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
सोम, 31 जुलाई 2034 को बेंगलुरु में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:05 और सूर्यास्त शाम 6:46 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।