सामग्री पर जाएँ

दैनिक पंचांग

बेंगलुरु पंचांग, शुक्र, 9 जनवरी 2032

शुक्र, 9 जनवरी 2032 को बेंगलुरु में सूर्योदय सुबह 6:44 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र विशाखा, योग धृति और करण बालव है। राहु काल सुबह 11:00 – दोपहर 12:26 है।

सूर्योदय
सुबह 6:44
सूर्यास्त
शाम 6:08
तिथि
एकादशी · दोपहर 1:58 तक
नक्षत्र
विशाखा · सुबह 8:51 तक
योग
धृति
करण
बालव
वार
शुक्रवार
राहु काल
सुबह 11:00 – दोपहर 12:26
यमगंड
दोपहर 3:17 – शाम 4:43
गुलिक काल
सुबह 8:09 – सुबह 9:35
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:57 – दोपहर 12:45
अमृत काल
दोपहर 1:09 – दोपहर 2:34

पूरा पंचांग खोलें

आज बेंगलुरु में

शुक्र, 9 जनवरी 2032 को बेंगलुरु में सूर्योदय सुबह 6:44 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र विशाखा, योग धृति और करण बालव है। राहु काल सुबह 11:00 – दोपहर 12:26 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल बेंगलुरु के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

बेंगलुरु – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शनि, 10 जनवरी 2032द्वादशीअनुराधासुबह 9:35 – सुबह 11:01
रवि, 11 जनवरी 2032त्रयोदशीमूलशाम 4:44 – शाम 6:09
सोम, 12 जनवरी 2032अमावस्यापूर्वाषाढ़ासुबह 8:10 – सुबह 9:36
मंगल, 13 जनवरी 2032प्रतिपदाउत्तराषाढ़ादोपहर 3:19 – शाम 4:45
बुध, 14 जनवरी 2032द्वितीयाश्रवणदोपहर 12:28 – दोपहर 1:54
गुरु, 15 जनवरी 2032तृतीयाधनिष्ठादोपहर 1:54 – दोपहर 3:20

सामान्य प्रश्न

शुक्र, 9 जनवरी 2032 को बेंगलुरु में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि एकादशी है; दोपहर 1:58 तक।

शुक्र, 9 जनवरी 2032 को बेंगलुरु में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र विशाखा है; सुबह 8:51 तक।

शुक्र, 9 जनवरी 2032 को बेंगलुरु में राहु काल कब है?

बेंगलुरु में राहु काल सुबह 11:00 – दोपहर 12:26 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शुक्र, 9 जनवरी 2032 को बेंगलुरु में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:44 और सूर्यास्त शाम 6:08 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।