दैनिक पंचांग
बेंगलुरु पंचांग, सोम, 12 जनवरी 2032
सोम, 12 जनवरी 2032 को बेंगलुरु में सूर्योदय सुबह 6:44 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अमावस्या, नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा, योग ध्रुव और करण चतुष्पद है। राहु काल सुबह 8:10 – सुबह 9:36 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:44
- सूर्यास्त
- शाम 6:10
- तिथि
- अमावस्या · रात 1:36 तक
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ा · रात 11:44 तक
- योग
- ध्रुव
- करण
- चतुष्पद
- वार
- सोमवार
- राहु काल
- सुबह 8:10 – सुबह 9:36
- यमगंड
- सुबह 11:02 – दोपहर 12:27
- गुलिक काल
- दोपहर 1:53 – दोपहर 3:19
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:59 – दोपहर 12:47
- अमृत काल
- सुबह 7:27 – सुबह 8:53
आज बेंगलुरु में
सोम, 12 जनवरी 2032 को बेंगलुरु में सूर्योदय सुबह 6:44 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अमावस्या, नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा, योग ध्रुव और करण चतुष्पद है। राहु काल सुबह 8:10 – सुबह 9:36 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल बेंगलुरु के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| मंगल, 13 जनवरी 2032 | प्रतिपदा | उत्तराषाढ़ा | दोपहर 3:19 – शाम 4:45 |
| बुध, 14 जनवरी 2032 | द्वितीया | श्रवण | दोपहर 12:28 – दोपहर 1:54 |
| गुरु, 15 जनवरी 2032 | तृतीया | धनिष्ठा | दोपहर 1:54 – दोपहर 3:20 |
| शुक्र, 16 जनवरी 2032 | चतुर्थी | शतभिषा | सुबह 11:03 – दोपहर 12:29 |
| शनि, 17 जनवरी 2032 | पंचमी | पूर्वा भाद्रपद | सुबह 9:37 – सुबह 11:03 |
| रवि, 18 जनवरी 2032 | षष्ठी | उत्तरा भाद्रपद | शाम 4:47 – शाम 6:13 |
सामान्य प्रश्न
सोम, 12 जनवरी 2032 को बेंगलुरु में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि अमावस्या है; रात 1:36 तक।
सोम, 12 जनवरी 2032 को बेंगलुरु में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा है; रात 11:44 तक।
सोम, 12 जनवरी 2032 को बेंगलुरु में राहु काल कब है?
बेंगलुरु में राहु काल सुबह 8:10 – सुबह 9:36 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
सोम, 12 जनवरी 2032 को बेंगलुरु में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:44 और सूर्यास्त शाम 6:10 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।