दैनिक पंचांग
अहमदाबाद पंचांग, सोम, 14 जून 2032
सोम, 14 जून 2032 को अहमदाबाद में सूर्योदय तड़के 5:53 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र मघा, योग व्याघात और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 7:35 – सुबह 9:17 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:53
- सूर्यास्त
- रात 7:26
- तिथि
- षष्ठी · शाम 5:06 तक
- नक्षत्र
- मघा · रात 8:29 तक
- योग
- व्याघात
- करण
- तैतिल
- वार
- सोमवार
- राहु काल
- सुबह 7:35 – सुबह 9:17
- यमगंड
- सुबह 10:58 – दोपहर 12:40
- गुलिक काल
- दोपहर 2:21 – शाम 4:03
- अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर 12:06 – दोपहर 12:54
- अमृत काल
- सुबह 6:44 – सुबह 8:26
आज अहमदाबाद में
सोम, 14 जून 2032 को अहमदाबाद में सूर्योदय तड़के 5:53 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र मघा, योग व्याघात और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 7:35 – सुबह 9:17 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल अहमदाबाद के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| मंगल, 15 जून 2032 | सप्तमी | पूर्वा फाल्गुनी | शाम 4:03 – शाम 5:45 |
| बुध, 16 जून 2032 | अष्टमी | उत्तरा फाल्गुनी | दोपहर 12:40 – दोपहर 2:22 |
| गुरु, 17 जून 2032 | नवमी | हस्त | दोपहर 2:22 – शाम 4:03 |
| शुक्र, 18 जून 2032 | दशमी | चित्रा | सुबह 10:59 – दोपहर 12:40 |
| शनि, 19 जून 2032 | एकादशी | स्वाती | सुबह 9:17 – सुबह 10:59 |
| रवि, 20 जून 2032 | द्वादशी | स्वाती | शाम 5:46 – रात 7:27 |
सामान्य प्रश्न
सोम, 14 जून 2032 को अहमदाबाद में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि षष्ठी है; शाम 5:06 तक।
सोम, 14 जून 2032 को अहमदाबाद में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र मघा है; रात 8:29 तक।
सोम, 14 जून 2032 को अहमदाबाद में राहु काल कब है?
अहमदाबाद में राहु काल सुबह 7:35 – सुबह 9:17 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
सोम, 14 जून 2032 को अहमदाबाद में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:53 और सूर्यास्त रात 7:26 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।