दैनिक पंचांग
अहमदाबाद पंचांग, रवि, 20 जून 2032
रवि, 20 जून 2032 को अहमदाबाद में सूर्योदय तड़के 5:54 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र स्वाती, योग परिघ और करण बव है। राहु काल शाम 5:46 – रात 7:27 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:54
- सूर्यास्त
- रात 7:27
- तिथि
- द्वादशी · रात 11:15 तक
- नक्षत्र
- स्वाती · तड़के 5:58 तक
- योग
- परिघ
- करण
- बव
- वार
- रविवार
- राहु काल
- शाम 5:46 – रात 7:27
- यमगंड
- दोपहर 12:41 – दोपहर 2:23
- गुलिक काल
- शाम 4:04 – शाम 5:46
- अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर 12:07 – दोपहर 12:55
- अमृत काल
- दोपहर 1:32 – दोपहर 3:13
आज अहमदाबाद में
रवि, 20 जून 2032 को अहमदाबाद में सूर्योदय तड़के 5:54 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र स्वाती, योग परिघ और करण बव है। राहु काल शाम 5:46 – रात 7:27 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल अहमदाबाद के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| सोम, 21 जून 2032 | त्रयोदशी | विशाखा | सुबह 7:36 – सुबह 9:18 |
| मंगल, 22 जून 2032 | चतुर्दशी | ज्येष्ठा | शाम 4:05 – शाम 5:46 |
| बुध, 23 जून 2032 | पूर्णिमा | मूल | दोपहर 12:42 – दोपहर 2:23 |
| गुरु, 24 जून 2032 | प्रतिपदा | पूर्वाषाढ़ा | दोपहर 2:23 – शाम 4:05 |
| शुक्र, 25 जून 2032 | द्वितीया | उत्तराषाढ़ा | सुबह 11:00 – दोपहर 12:42 |
| शनि, 26 जून 2032 | तृतीया | श्रवण | सुबह 9:19 – सुबह 11:01 |
सामान्य प्रश्न
रवि, 20 जून 2032 को अहमदाबाद में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि द्वादशी है; रात 11:15 तक।
रवि, 20 जून 2032 को अहमदाबाद में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र स्वाती है; तड़के 5:58 तक।
रवि, 20 जून 2032 को अहमदाबाद में राहु काल कब है?
अहमदाबाद में राहु काल शाम 5:46 – रात 7:27 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
रवि, 20 जून 2032 को अहमदाबाद में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:54 और सूर्यास्त रात 7:27 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।