दैनिक पंचांग
अहमदाबाद पंचांग, मंगल, 8 जून 2032
मंगल, 8 जून 2032 को अहमदाबाद में सूर्योदय तड़के 5:53 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अमावस्या, नक्षत्र रोहिणी, योग सुकर्मा और करण नाग है। राहु काल शाम 4:01 – शाम 5:42 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:53
- सूर्यास्त
- रात 7:24
- तिथि
- अमावस्या · सुबह 7:02 तक
- नक्षत्र
- रोहिणी · सुबह 6:40 तक
- योग
- सुकर्मा
- करण
- नाग
- वार
- मंगलवार
- राहु काल
- शाम 4:01 – शाम 5:42
- यमगंड
- सुबह 9:16 – सुबह 10:57
- गुलिक काल
- दोपहर 12:38 – दोपहर 2:20
- अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर 12:05 – दोपहर 12:53
- अमृत काल
- सुबह 8:25 – सुबह 10:06
आज अहमदाबाद में
मंगल, 8 जून 2032 को अहमदाबाद में सूर्योदय तड़के 5:53 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अमावस्या, नक्षत्र रोहिणी, योग सुकर्मा और करण नाग है। राहु काल शाम 4:01 – शाम 5:42 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल अहमदाबाद के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| बुध, 9 जून 2032 | प्रतिपदा | मृगशिरा | दोपहर 12:39 – दोपहर 2:20 |
| गुरु, 10 जून 2032 | द्वितीया | आर्द्रा | दोपहर 2:20 – शाम 4:02 |
| शुक्र, 11 जून 2032 | तृतीया | पुनर्वसु | सुबह 10:58 – दोपहर 12:39 |
| शनि, 12 जून 2032 | चतुर्थी | पुष्य | सुबह 9:16 – सुबह 10:58 |
| रवि, 13 जून 2032 | पंचमी | आश्लेषा | शाम 5:44 – रात 7:26 |
| सोम, 14 जून 2032 | षष्ठी | मघा | सुबह 7:35 – सुबह 9:17 |
सामान्य प्रश्न
मंगल, 8 जून 2032 को अहमदाबाद में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि अमावस्या है; सुबह 7:02 तक।
मंगल, 8 जून 2032 को अहमदाबाद में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र रोहिणी है; सुबह 6:40 तक।
मंगल, 8 जून 2032 को अहमदाबाद में राहु काल कब है?
अहमदाबाद में राहु काल शाम 4:01 – शाम 5:42 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
मंगल, 8 जून 2032 को अहमदाबाद में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:53 और सूर्यास्त रात 7:24 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।