दैनिक पंचांग
अहमदाबाद पंचांग, बुध, 7 अगस्त 2030
बुध, 7 अगस्त 2030 को अहमदाबाद में सूर्योदय सुबह 6:12 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र विशाखा, योग शुभ और करण बव है। राहु काल दोपहर 12:45 – दोपहर 2:23 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:12
- सूर्यास्त
- रात 7:17
- तिथि
- अष्टमी · सुबह 9:11 तक
- नक्षत्र
- विशाखा · रात 8:53 तक
- योग
- शुभ
- करण
- बव
- वार
- बुधवार
- राहु काल
- दोपहर 12:45 – दोपहर 2:23
- यमगंड
- सुबह 7:51 – सुबह 9:29
- गुलिक काल
- सुबह 11:07 – दोपहर 12:45
- अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर 12:12 – दोपहर 1:00
- अमृत काल
- सुबह 10:18 – सुबह 11:56
आज अहमदाबाद में
बुध, 7 अगस्त 2030 को अहमदाबाद में सूर्योदय सुबह 6:12 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र विशाखा, योग शुभ और करण बव है। राहु काल दोपहर 12:45 – दोपहर 2:23 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल अहमदाबाद के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| गुरु, 8 अगस्त 2030 | नवमी | अनुराधा | दोपहर 2:23 – शाम 4:01 |
| शुक्र, 9 अगस्त 2030 | एकादशी | ज्येष्ठा | सुबह 11:07 – दोपहर 12:45 |
| शनि, 10 अगस्त 2030 | द्वादशी | मूल | सुबह 9:29 – सुबह 11:07 |
| रवि, 11 अगस्त 2030 | त्रयोदशी | पूर्वाषाढ़ा | शाम 5:37 – रात 7:15 |
| सोम, 12 अगस्त 2030 | चतुर्दशी | उत्तराषाढ़ा | सुबह 7:52 – सुबह 9:29 |
| मंगल, 13 अगस्त 2030 | पूर्णिमा | श्रवण | दोपहर 3:59 – शाम 5:36 |
सामान्य प्रश्न
बुध, 7 अगस्त 2030 को अहमदाबाद में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि अष्टमी है; सुबह 9:11 तक।
बुध, 7 अगस्त 2030 को अहमदाबाद में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र विशाखा है; रात 8:53 तक।
बुध, 7 अगस्त 2030 को अहमदाबाद में राहु काल कब है?
अहमदाबाद में राहु काल दोपहर 12:45 – दोपहर 2:23 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
बुध, 7 अगस्त 2030 को अहमदाबाद में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:12 और सूर्यास्त रात 7:17 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।