दैनिक पंचांग
अहमदाबाद पंचांग, मंगल, 13 अगस्त 2030
मंगल, 13 अगस्त 2030 को अहमदाबाद में सूर्योदय सुबह 6:15 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा, नक्षत्र श्रवण, योग आयुष्मान और करण बव है। राहु काल दोपहर 3:59 – शाम 5:36 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:15
- सूर्यास्त
- रात 7:13
- तिथि
- पूर्णिमा · शाम 4:15 तक
- नक्षत्र
- श्रवण · सुबह 10:54 तक
- योग
- आयुष्मान
- करण
- बव
- वार
- मंगलवार
- राहु काल
- दोपहर 3:59 – शाम 5:36
- यमगंड
- सुबह 9:29 – सुबह 11:07
- गुलिक काल
- दोपहर 12:44 – दोपहर 2:21
- अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर 12:12 – दोपहर 1:00
- अमृत काल
- सुबह 8:41 – सुबह 10:18
आज अहमदाबाद में
मंगल, 13 अगस्त 2030 को अहमदाबाद में सूर्योदय सुबह 6:15 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा, नक्षत्र श्रवण, योग आयुष्मान और करण बव है। राहु काल दोपहर 3:59 – शाम 5:36 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल अहमदाबाद के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| बुध, 14 अगस्त 2030 | प्रतिपदा | धनिष्ठा | दोपहर 12:44 – दोपहर 2:21 |
| गुरु, 15 अगस्त 2030 | द्वितीया | शतभिषा | दोपहर 2:21 – दोपहर 3:58 |
| शुक्र, 16 अगस्त 2030 | तृतीया | पूर्वा भाद्रपद | सुबह 11:07 – दोपहर 12:43 |
| शनि, 17 अगस्त 2030 | चतुर्थी | उत्तरा भाद्रपद | सुबह 9:30 – सुबह 11:06 |
| रवि, 18 अगस्त 2030 | पंचमी | रेवती | शाम 5:33 – रात 7:09 |
| सोम, 19 अगस्त 2030 | षष्ठी | अश्विनी | सुबह 7:53 – सुबह 9:30 |
सामान्य प्रश्न
मंगल, 13 अगस्त 2030 को अहमदाबाद में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा है; शाम 4:15 तक।
मंगल, 13 अगस्त 2030 को अहमदाबाद में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र श्रवण है; सुबह 10:54 तक।
मंगल, 13 अगस्त 2030 को अहमदाबाद में राहु काल कब है?
अहमदाबाद में राहु काल दोपहर 3:59 – शाम 5:36 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
मंगल, 13 अगस्त 2030 को अहमदाबाद में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:15 और सूर्यास्त रात 7:13 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।