Skip to content

शास्त्रीय योग

Nala Yoga

पराशर इसे सरकंडे जैसी लचक बताते हैं। भाग्य बारी बारी से आता है।

अपने योग मुफ़्त देखें

Nala Yoga का निर्माण और फल

पराशर इसे सरकंडे जैसी लचक बताते हैं। भाग्य बारी बारी से आता है।

योग क्या है

ज्योतिष में योग ग्रह, राशि और भाव का वह विशेष संयोग है जिसके विशिष्ट फल शास्त्रों में बताए गए हैं। कुछ योग पद या धन, कुछ स्वभाव और कुछ कठिनाइयाँ दर्शाते हैं। योग बनाने वाले ग्रह बलवान और पीड़ा रहित हों और उनकी दशा चल रही हो, तभी पूरा फल मिलता है।

क्या आपकी कुंडली में Nala Yoga है

योग की पहचान लग्न के अनुसार बदलने वाले भावों और स्वामियों पर निर्भर करती है। कौन से योग हैं, ग्रह कितने बलवान हैं और उनकी दशा कब है, यह देखने के लिए अपनी कुंडली बनाएँ।

सामान्य प्रश्न

Nala Yoga कैसे बनता है?

इस पृष्ठ के ऊपर की व्याख्या शास्त्रीय नियम देती है। यह आपके लग्न से बने भाव स्वामियों पर निर्भर करता है।

Nala Yoga कब फल देता है?

अधिकतर योग बनाने वाले ग्रहों की दशा या अंतर्दशा में, जब वे राशि और भाव से बलवान हों।

क्या Nala Yoga दुर्लभ है?

किसी न किसी रूप में यह कई कुंडलियों में मिलता है। बल ही मुख्य है: बलवान ग्रह स्पष्ट फल और कमज़ोर ग्रह मध्यम फल देते हैं।

क्या Nala Yoga भंग हो सकता है?

शास्त्र कहते हैं कि ग्रहों का नीच होना, अस्त होना या पाप पीड़ा योग को कमज़ोर करती है। पूरी कुंडली की जाँच इन्हें देखती है।

कैसे जानें कि मेरी कुंडली में Nala Yoga है?

मुफ़्त कुंडली बनाएँ; योग भाग हर पहचाने गए संयोग को ग्रहों सहित दिखाएगा।