घर का वास्तु
अध्ययन कक्ष का वास्तु: दिशा और व्यवस्था
वास्तु शास्त्र हर कमरे को उस क्षेत्र में रखता है जिसका तत्व और स्वामी देवता उसके उपयोग के अनुकूल हो। अध्ययन कक्ष के लिए सुझाया गया स्थान है: पश्चिम, उत्तर पूर्व, उत्तर या पूर्व। इनसे बचना चाहिए: सीढ़ी के नीचे, शौचालय के पास, दक्षिण पूर्व। ये दिशानिर्देश घर की दिशा और भूखंड के आकार के अनुसार बदलते हैं।
- बचें
- सीढ़ी के नीचे, शौचालय के पास, दक्षिण पूर्व
- देवता
- बृहस्पति और बुध
- उत्तम क्षेत्र
- पश्चिम, उत्तर पूर्व, उत्तर या पूर्व
- ग्रह
- गुरु और बुध
- तत्व
- आकाश
अध्ययन कक्ष के लिए सबसे अच्छी दिशा
घर के पश्चिम, उत्तर या पूर्व में अध्ययन कक्ष एकाग्रता और सीखने में सहायक है। आध्यात्मिक या शोध कार्य के लिए उत्तर पूर्व उत्कृष्ट है। दक्षिण पूर्व से बचिए, जो लंबे ध्यान के लिए बहुत सक्रिय है।
अध्ययन कक्ष की व्यवस्था
पीछे ठोस दीवार रखकर पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके पढ़िए। किताबों की अलमारियाँ दक्षिण या पश्चिमी दीवार पर रखिए और कमरे का उत्तर पूर्वी कोना हल्का और साफ़ रखिए। बीम के ठीक नीचे बैठने से बचिए।
अध्ययन कक्ष: आम गलतियाँ
दरवाज़े की ओर पीठ करके बैठना, अव्यवस्थित मेज़, उत्तर पूर्वी कोने में किताबों की अलमारियाँ, अध्ययन कक्ष की दीवार शौचालय से साझा होना, और दिन की रोशनी के बिना तेज़ कृत्रिम रोशनी में पढ़ना आम गलतियाँ हैं।
जब आदर्श स्थान संभव न हो
फ़्लैट और पहले से बने घर शायद ही हर नियम से मेल खाते हैं। मुख्य क्षेत्रों को प्राथमिकता दीजिए: उत्तर पूर्व हल्का और खुला, दक्षिण पश्चिम भारी और स्थिर, अग्नि दक्षिण पूर्व में, और बाकी को फ़र्नीचर की जगह, रंगों और रोशनी से संतुलित कीजिए। इस साइट का वास्तु उपकरण आपके नक्शे को क्षेत्र दर क्षेत्र जाँचने में मदद करता है।
सही उत्तर से शुरुआत करें
हर वास्तु आकलन भूखंड की सही दिशा पर निर्भर है। घर के बीच से, धातु और बिजली के उपकरणों से दूर, कंपास से दिशा लीजिए, और नक्शा बना रहे हों तो चुंबकीय झुकाव का सुधार कीजिए। घर का मुख वह दिशा है जिधर आप मुख्य द्वार से बाहर निकलते समय देखते हैं।
सामान्य प्रश्न
क्या वास्तु में अध्ययन कक्ष का वास्तु: दिशा और व्यवस्था महत्वपूर्ण है?
व्यवस्था इस पृष्ठ में बताए गए पंचतत्व और दिशाओं के अनुसार होती है। इसे प्रकाश, हवा और परिवार द्वारा जगह के वास्तविक उपयोग के साथ मार्गदर्शन के रूप में लीजिए।
अगर मेरा घर इन नियमों के अनुसार नहीं है तो?
अधिकतर कमियाँ रंग, रोशनी, फ़र्नीचर की जगह या कमरे का उपयोग बदलने जैसे सरल सुधारों से संभल जाती हैं, बिना ढाँचे में बदलाव के।
क्या मैं अपना नक्शा ऑनलाइन जाँच सकता हूँ?
हाँ। वास्तु योजनाकार में अपना नक्शा अपलोड करें या बनाएँ, और क्षेत्र, अंक तथा सुझाए गए सुधार देखें।
क्या वास्तु फ़्लैट पर भी लागू होता है?
हाँ। फ़्लैट का अपना प्रवेश द्वार और कमरों की व्यवस्था स्वतंत्र घर की तरह ही पढ़ी जाती है।
अध्ययन कक्ष के लिए कौन सी दिशा सबसे अच्छी है?
पश्चिम, उत्तर पूर्व, उत्तर या पूर्व।
अध्ययन कक्ष कहाँ कभी नहीं होना चाहिए?
सीढ़ी के नीचे, शौचालय के पास, दक्षिण पूर्व।
क्या वास्तु उपाय गलत जगह बने कमरे को ठीक कर सकते हैं?
छोटे असंतुलन प्रायः रंग, दर्पण, पौधे, धातु की पट्टियों और कमरे का उपयोग बदलने से कम हो जाते हैं। ढाँचागत समस्याओं के लिए विशेषज्ञ की जाँच चाहिए हो सकती है।
क्या ये नियम फ़्लैट पर भी लागू होते हैं?
हाँ, फ़्लैट के अंदर। दिशाएँ पूरी इमारत से नहीं, आपके अपने फ़्लैट के केंद्र से ली जाती हैं।