घर का वास्तु
मुख्य द्वार का वास्तु: दिशा और व्यवस्था
वास्तु शास्त्र हर कमरे को उस क्षेत्र में रखता है जिसका तत्व और स्वामी देवता उसके उपयोग के अनुकूल हो। मुख्य द्वार के लिए सुझाया गया स्थान है: किसी भी ओर शुभ पद: पूर्व का उत्तर पूर्वी पद, उत्तर के मध्य पद आदि। इनसे बचना चाहिए: कोने, विशेषकर दक्षिण पश्चिम; अशुभ बताए गए पद। ये दिशानिर्देश घर की दिशा और भूखंड के आकार के अनुसार बदलते हैं।
- बचें
- कोने, विशेषकर दक्षिण पश्चिम; अशुभ बताए गए पद
- देवता
- चुने गए पद के स्वामी देवता
- उत्तम क्षेत्र
- किसी भी ओर शुभ पद: पूर्व का उत्तर पूर्वी पद, उत्तर के मध्य पद आदि
- ग्रह
- दिशा पर निर्भर
- तत्व
- दिशा पर निर्भर
मुख्य द्वार के लिए सबसे अच्छी दिशा
मुख्य द्वार को घर का मुख माना जाता है, जिससे ऊर्जा प्रवेश करती है। वास्तु भूखंड की हर ओर को नौ पदों में बाँटता है और हर दिशा के शुभ पद बताता है। द्वार घर का सबसे बड़ा दरवाज़ा हो, अंदर की ओर घड़ी की दिशा में खुले और अच्छी तरह प्रकाशित हो।
मुख्य द्वार की व्यवस्था
ठीक सामने खंभे, पेड़ या दूसरे दरवाज़े जैसी बाधाओं से बचिए। देहरी साफ़ और सजी रखिए, नाम पट्टिका लगाइए और प्रवेश पर ही जूतों की रैक न रखिए। अच्छी गुणवत्ता का लकड़ी का दरवाज़ा पसंद किया जाता है।
मुख्य द्वार: आम गलतियाँ
दूसरे दरवाज़ों से छोटा मुख्य द्वार, चरमराता या पूरा न खुलने वाला दरवाज़ा, प्रवेश के पास कूड़ेदान, एक सीधी रेखा में दो मुख्य दरवाज़े, और तिराहे की ओर मुख वाला दरवाज़ा आम गलतियाँ हैं।
जब आदर्श स्थान संभव न हो
फ़्लैट और पहले से बने घर शायद ही हर नियम से मेल खाते हैं। मुख्य क्षेत्रों को प्राथमिकता दीजिए: उत्तर पूर्व हल्का और खुला, दक्षिण पश्चिम भारी और स्थिर, अग्नि दक्षिण पूर्व में, और बाकी को फ़र्नीचर की जगह, रंगों और रोशनी से संतुलित कीजिए। इस साइट का वास्तु उपकरण आपके नक्शे को क्षेत्र दर क्षेत्र जाँचने में मदद करता है।
सही उत्तर से शुरुआत करें
हर वास्तु आकलन भूखंड की सही दिशा पर निर्भर है। घर के बीच से, धातु और बिजली के उपकरणों से दूर, कंपास से दिशा लीजिए, और नक्शा बना रहे हों तो चुंबकीय झुकाव का सुधार कीजिए। घर का मुख वह दिशा है जिधर आप मुख्य द्वार से बाहर निकलते समय देखते हैं।
सामान्य प्रश्न
क्या वास्तु में मुख्य द्वार का वास्तु: दिशा और व्यवस्था महत्वपूर्ण है?
व्यवस्था इस पृष्ठ में बताए गए पंचतत्व और दिशाओं के अनुसार होती है। इसे प्रकाश, हवा और परिवार द्वारा जगह के वास्तविक उपयोग के साथ मार्गदर्शन के रूप में लीजिए।
अगर मेरा घर इन नियमों के अनुसार नहीं है तो?
अधिकतर कमियाँ रंग, रोशनी, फ़र्नीचर की जगह या कमरे का उपयोग बदलने जैसे सरल सुधारों से संभल जाती हैं, बिना ढाँचे में बदलाव के।
क्या मैं अपना नक्शा ऑनलाइन जाँच सकता हूँ?
हाँ। वास्तु योजनाकार में अपना नक्शा अपलोड करें या बनाएँ, और क्षेत्र, अंक तथा सुझाए गए सुधार देखें।
क्या वास्तु फ़्लैट पर भी लागू होता है?
हाँ। फ़्लैट का अपना प्रवेश द्वार और कमरों की व्यवस्था स्वतंत्र घर की तरह ही पढ़ी जाती है।
मुख्य द्वार के लिए कौन सी दिशा सबसे अच्छी है?
किसी भी ओर शुभ पद: पूर्व का उत्तर पूर्वी पद, उत्तर के मध्य पद आदि।
मुख्य द्वार कहाँ कभी नहीं होना चाहिए?
कोने, विशेषकर दक्षिण पश्चिम; अशुभ बताए गए पद।
क्या वास्तु उपाय गलत जगह बने कमरे को ठीक कर सकते हैं?
छोटे असंतुलन प्रायः रंग, दर्पण, पौधे, धातु की पट्टियों और कमरे का उपयोग बदलने से कम हो जाते हैं। ढाँचागत समस्याओं के लिए विशेषज्ञ की जाँच चाहिए हो सकती है।
क्या ये नियम फ़्लैट पर भी लागू होते हैं?
हाँ, फ़्लैट के अंदर। दिशाएँ पूरी इमारत से नहीं, आपके अपने फ़्लैट के केंद्र से ली जाती हैं।