दैनिक पंचांग
विजयवाड़ा पंचांग, शुक्र, 26 सितंबर 2031
शुक्र, 26 सितंबर 2031 को विजयवाड़ा में सूर्योदय तड़के 5:56 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र उत्तराषाढ़ा, योग शोभन और करण गर है। राहु काल सुबह 10:28 – सुबह 11:58 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:56
- सूर्यास्त
- शाम 6:00
- तिथि
- दशमी · दोपहर 1:00 तक
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ा · दोपहर 3:06 तक
- योग
- शोभन
- करण
- गर
- वार
- शुक्रवार
- राहु काल
- सुबह 10:28 – सुबह 11:58
- यमगंड
- दोपहर 2:59 – शाम 4:30
- गुलिक काल
- सुबह 7:27 – सुबह 8:57
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:28 – दोपहर 12:16
- अमृत काल
- दोपहर 12:44 – दोपहर 2:14
आज विजयवाड़ा में
शुक्र, 26 सितंबर 2031 को विजयवाड़ा में सूर्योदय तड़के 5:56 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र उत्तराषाढ़ा, योग शोभन और करण गर है। राहु काल सुबह 10:28 – सुबह 11:58 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल विजयवाड़ा के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शनि, 27 सितंबर 2031 | एकादशी | श्रवण | सुबह 8:57 – सुबह 10:28 |
| रवि, 28 सितंबर 2031 | द्वादशी | धनिष्ठा | शाम 4:28 – शाम 5:59 |
| सोम, 29 सितंबर 2031 | चतुर्दशी | शतभिषा | सुबह 7:27 – सुबह 8:57 |
| मंगल, 30 सितंबर 2031 | पूर्णिमा | पूर्वा भाद्रपद | दोपहर 2:57 – शाम 4:27 |
| बुध, 1 अक्टूबर 2031 | प्रतिपदा | उत्तरा भाद्रपद | सुबह 11:57 – दोपहर 1:26 |
| गुरु, 2 अक्टूबर 2031 | द्वितीया | रेवती | दोपहर 1:26 – दोपहर 2:56 |
सामान्य प्रश्न
शुक्र, 26 सितंबर 2031 को विजयवाड़ा में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि दशमी है; दोपहर 1:00 तक।
शुक्र, 26 सितंबर 2031 को विजयवाड़ा में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तराषाढ़ा है; दोपहर 3:06 तक।
शुक्र, 26 सितंबर 2031 को विजयवाड़ा में राहु काल कब है?
विजयवाड़ा में राहु काल सुबह 10:28 – सुबह 11:58 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शुक्र, 26 सितंबर 2031 को विजयवाड़ा में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:56 और सूर्यास्त शाम 6:00 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।