सामग्री पर जाएँ

दैनिक पंचांग

विजयवाड़ा पंचांग, शुक्र, 1 अगस्त 2031

शुक्र, 1 अगस्त 2031 को विजयवाड़ा में सूर्योदय तड़के 5:47 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा, योग इन्द्र और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 10:37 – दोपहर 12:13 है।

सूर्योदय
तड़के 5:47
सूर्यास्त
शाम 6:39
तिथि
त्रयोदशी · दोपहर 2:50 तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा · रात 12:20 तक
योग
इन्द्र
करण
तैतिल
वार
शुक्रवार
राहु काल
सुबह 10:37 – दोपहर 12:13
यमगंड
दोपहर 3:26 – शाम 5:03
गुलिक काल
सुबह 7:24 – सुबह 9:00
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:41 – दोपहर 12:29
अमृत काल
दोपहर 1:01 – दोपहर 2:38

पूरा पंचांग खोलें

आज विजयवाड़ा में

शुक्र, 1 अगस्त 2031 को विजयवाड़ा में सूर्योदय तड़के 5:47 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा, योग इन्द्र और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 10:37 – दोपहर 12:13 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल विजयवाड़ा के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

विजयवाड़ा – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शनि, 2 अगस्त 2031चतुर्दशीउत्तराषाढ़ासुबह 9:00 – सुबह 10:37
रवि, 3 अगस्त 2031पूर्णिमाश्रवणशाम 5:02 – शाम 6:38
सोम, 4 अगस्त 2031द्वितीयाधनिष्ठासुबह 7:24 – सुबह 9:01
मंगल, 5 अगस्त 2031तृतीयाशतभिषादोपहर 3:25 – शाम 5:01
बुध, 6 अगस्त 2031चतुर्थीपूर्वा भाद्रपददोपहर 12:13 – दोपहर 1:49
गुरु, 7 अगस्त 2031पंचमीउत्तरा भाद्रपददोपहर 1:49 – दोपहर 3:24

सामान्य प्रश्न

शुक्र, 1 अगस्त 2031 को विजयवाड़ा में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी है; दोपहर 2:50 तक।

शुक्र, 1 अगस्त 2031 को विजयवाड़ा में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा है; रात 12:20 तक।

शुक्र, 1 अगस्त 2031 को विजयवाड़ा में राहु काल कब है?

विजयवाड़ा में राहु काल सुबह 10:37 – दोपहर 12:13 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शुक्र, 1 अगस्त 2031 को विजयवाड़ा में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:47 और सूर्यास्त शाम 6:39 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।