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दैनिक पंचांग

विजयवाड़ा पंचांग, मंगल, 15 अप्रैल 2031

मंगल, 15 अप्रैल 2031 को विजयवाड़ा में सूर्योदय तड़के 5:52 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र उत्तराषाढ़ा, योग शिव और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 3:15 – शाम 4:48 है।

सूर्योदय
तड़के 5:52
सूर्यास्त
शाम 6:22
तिथि
नवमी · रात 3:31 तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा · सुबह 11:19 तक
योग
शिव
करण
तैतिल
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 3:15 – शाम 4:48
यमगंड
सुबह 9:00 – सुबह 10:33
गुलिक काल
दोपहर 12:07 – दोपहर 1:41
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:36 – दोपहर 12:24
अमृत काल
सुबह 8:13 – सुबह 9:47

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आज विजयवाड़ा में

मंगल, 15 अप्रैल 2031 को विजयवाड़ा में सूर्योदय तड़के 5:52 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र उत्तराषाढ़ा, योग शिव और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 3:15 – शाम 4:48 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल विजयवाड़ा के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

विजयवाड़ा – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 16 अप्रैल 2031दशमीश्रवणदोपहर 12:07 – दोपहर 1:41
गुरु, 17 अप्रैल 2031एकादशीधनिष्ठादोपहर 1:41 – दोपहर 3:15
शुक्र, 18 अप्रैल 2031द्वादशीशतभिषासुबह 10:32 – दोपहर 12:06
शनि, 19 अप्रैल 2031त्रयोदशीपूर्वा भाद्रपदसुबह 8:58 – सुबह 10:32
रवि, 20 अप्रैल 2031चतुर्दशीउत्तरा भाद्रपदशाम 4:49 – शाम 6:23
सोम, 21 अप्रैल 2031अमावस्यारेवतीसुबह 7:23 – सुबह 8:57

सामान्य प्रश्न

मंगल, 15 अप्रैल 2031 को विजयवाड़ा में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि नवमी है; रात 3:31 तक।

मंगल, 15 अप्रैल 2031 को विजयवाड़ा में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तराषाढ़ा है; सुबह 11:19 तक।

मंगल, 15 अप्रैल 2031 को विजयवाड़ा में राहु काल कब है?

विजयवाड़ा में राहु काल दोपहर 3:15 – शाम 4:48 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 15 अप्रैल 2031 को विजयवाड़ा में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:52 और सूर्यास्त शाम 6:22 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।