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दैनिक पंचांग

विजयवाड़ा पंचांग, गुरु, 27 मार्च 2031

गुरु, 27 मार्च 2031 को विजयवाड़ा में सूर्योदय सुबह 6:06 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र कृत्तिका, योग Vishkumbha और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 1:44 – दोपहर 3:16 है।

सूर्योदय
सुबह 6:06
सूर्यास्त
शाम 6:19
तिथि
चतुर्थी · सुबह 10:05 तक
नक्षत्र
कृत्तिका · तड़के 5:45 तक
योग
Vishkumbha
करण
विष्टि
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 1:44 – दोपहर 3:16
यमगंड
सुबह 6:06 – सुबह 7:38
गुलिक काल
सुबह 9:09 – सुबह 10:41
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:42 – दोपहर 12:30
अमृत काल
सुबह 11:27 – दोपहर 12:58

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आज विजयवाड़ा में

गुरु, 27 मार्च 2031 को विजयवाड़ा में सूर्योदय सुबह 6:06 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र कृत्तिका, योग Vishkumbha और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 1:44 – दोपहर 3:16 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल विजयवाड़ा के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

विजयवाड़ा – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 28 मार्च 2031पंचमीकृत्तिकासुबह 10:40 – दोपहर 12:12
शनि, 29 मार्च 2031षष्ठीरोहिणीसुबह 9:08 – सुबह 10:40
रवि, 30 मार्च 2031सप्तमीमृगशिराशाम 4:47 – शाम 6:19
सोम, 31 मार्च 2031अष्टमीआर्द्रासुबह 7:35 – सुबह 9:07
मंगल, 1 अप्रैल 2031नवमीपुनर्वसुदोपहर 3:15 – शाम 4:48
बुध, 2 अप्रैल 2031दशमीपुष्यदोपहर 12:11 – दोपहर 1:43

सामान्य प्रश्न

गुरु, 27 मार्च 2031 को विजयवाड़ा में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी है; सुबह 10:05 तक।

गुरु, 27 मार्च 2031 को विजयवाड़ा में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र कृत्तिका है; तड़के 5:45 तक।

गुरु, 27 मार्च 2031 को विजयवाड़ा में राहु काल कब है?

विजयवाड़ा में राहु काल दोपहर 1:44 – दोपहर 3:16 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 27 मार्च 2031 को विजयवाड़ा में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:06 और सूर्यास्त शाम 6:19 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।