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दैनिक पंचांग

विजयवाड़ा पंचांग, सोम, 17 फ़रवरी 2031

सोम, 17 फ़रवरी 2031 को विजयवाड़ा में सूर्योदय सुबह 6:32 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र मूल, योग व्याघात और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 7:59 – सुबह 9:26 है।

सूर्योदय
सुबह 6:32
सूर्यास्त
शाम 6:10
तिथि
दशमी · सुबह 11:06 तक
नक्षत्र
मूल · रात 2:29 तक
योग
व्याघात
करण
विष्टि
वार
सोमवार
राहु काल
सुबह 7:59 – सुबह 9:26
यमगंड
सुबह 10:54 – दोपहर 12:21
गुलिक काल
दोपहर 1:48 – दोपहर 3:16
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:52 – दोपहर 12:40
अमृत काल
सुबह 7:16 – सुबह 8:43

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आज विजयवाड़ा में

सोम, 17 फ़रवरी 2031 को विजयवाड़ा में सूर्योदय सुबह 6:32 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र मूल, योग व्याघात और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 7:59 – सुबह 9:26 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल विजयवाड़ा के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

विजयवाड़ा – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
मंगल, 18 फ़रवरी 2031एकादशीपूर्वाषाढ़ादोपहर 3:16 – शाम 4:43
बुध, 19 फ़रवरी 2031द्वादशीउत्तराषाढ़ादोपहर 12:21 – दोपहर 1:48
गुरु, 20 फ़रवरी 2031चतुर्दशीश्रवणदोपहर 1:48 – दोपहर 3:16
शुक्र, 21 फ़रवरी 2031अमावस्याधनिष्ठासुबह 10:53 – दोपहर 12:21
शनि, 22 फ़रवरी 2031प्रतिपदाशतभिषासुबह 9:25 – सुबह 10:53
रवि, 23 फ़रवरी 2031द्वितीयापूर्वा भाद्रपदशाम 4:44 – शाम 6:12

सामान्य प्रश्न

सोम, 17 फ़रवरी 2031 को विजयवाड़ा में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि दशमी है; सुबह 11:06 तक।

सोम, 17 फ़रवरी 2031 को विजयवाड़ा में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र मूल है; रात 2:29 तक।

सोम, 17 फ़रवरी 2031 को विजयवाड़ा में राहु काल कब है?

विजयवाड़ा में राहु काल सुबह 7:59 – सुबह 9:26 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

सोम, 17 फ़रवरी 2031 को विजयवाड़ा में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:32 और सूर्यास्त शाम 6:10 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।