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दैनिक पंचांग

विजयवाड़ा पंचांग, गुरु, 2 जनवरी 2031

गुरु, 2 जनवरी 2031 को विजयवाड़ा में सूर्योदय सुबह 6:36 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र अश्विनी, योग परिघ और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 1:35 – दोपहर 2:58 है।

सूर्योदय
सुबह 6:36
सूर्यास्त
शाम 5:46
तिथि
नवमी · सुबह 8:53 तक
नक्षत्र
अश्विनी · रात 12:55 तक
योग
परिघ
करण
कौलव
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 1:35 – दोपहर 2:58
यमगंड
सुबह 6:36 – सुबह 7:59
गुलिक काल
सुबह 9:23 – सुबह 10:47
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:43 – दोपहर 12:31
अमृत काल
सुबह 11:29 – दोपहर 12:53

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आज विजयवाड़ा में

गुरु, 2 जनवरी 2031 को विजयवाड़ा में सूर्योदय सुबह 6:36 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र अश्विनी, योग परिघ और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 1:35 – दोपहर 2:58 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल विजयवाड़ा के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

विजयवाड़ा – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 3 जनवरी 2031दशमीभरणीसुबह 10:47 – दोपहर 12:11
शनि, 4 जनवरी 2031एकादशीकृत्तिकासुबह 9:24 – सुबह 10:48
रवि, 5 जनवरी 2031द्वादशीकृत्तिकाशाम 4:24 – शाम 5:48
सोम, 6 जनवरी 2031त्रयोदशीरोहिणीसुबह 8:01 – सुबह 9:25
मंगल, 7 जनवरी 2031चतुर्दशीमृगशिरादोपहर 3:01 – शाम 4:25
बुध, 8 जनवरी 2031पूर्णिमाआर्द्रादोपहर 12:13 – दोपहर 1:37

सामान्य प्रश्न

गुरु, 2 जनवरी 2031 को विजयवाड़ा में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि नवमी है; सुबह 8:53 तक।

गुरु, 2 जनवरी 2031 को विजयवाड़ा में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र अश्विनी है; रात 12:55 तक।

गुरु, 2 जनवरी 2031 को विजयवाड़ा में राहु काल कब है?

विजयवाड़ा में राहु काल दोपहर 1:35 – दोपहर 2:58 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 2 जनवरी 2031 को विजयवाड़ा में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:36 और सूर्यास्त शाम 5:46 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।