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दैनिक पंचांग

विजयवाड़ा पंचांग, बुध, 4 दिसंबर 2030

बुध, 4 दिसंबर 2030 को विजयवाड़ा में सूर्योदय सुबह 6:21 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद, योग वज्र और करण गर है। राहु काल सुबह 11:57 – दोपहर 1:21 है।

सूर्योदय
सुबह 6:21
सूर्यास्त
शाम 5:33
तिथि
दशमी · शाम 5:18 तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद · दोपहर 2:35 तक
योग
वज्र
करण
गर
वार
बुधवार
राहु काल
सुबह 11:57 – दोपहर 1:21
यमगंड
सुबह 7:45 – सुबह 9:09
गुलिक काल
सुबह 10:33 – सुबह 11:57
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:29 – दोपहर 12:17
अमृत काल
सुबह 9:51 – सुबह 11:15

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आज विजयवाड़ा में

बुध, 4 दिसंबर 2030 को विजयवाड़ा में सूर्योदय सुबह 6:21 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद, योग वज्र और करण गर है। राहु काल सुबह 11:57 – दोपहर 1:21 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल विजयवाड़ा के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

विजयवाड़ा – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
गुरु, 5 दिसंबर 2030एकादशीरेवतीदोपहर 1:21 – दोपहर 2:45
शुक्र, 6 दिसंबर 2030द्वादशीअश्विनीसुबह 10:34 – सुबह 11:58
शनि, 7 दिसंबर 2030त्रयोदशीभरणीसुबह 9:10 – सुबह 10:34
रवि, 8 दिसंबर 2030चतुर्दशीकृत्तिकाशाम 4:10 – शाम 5:34
सोम, 9 दिसंबर 2030पूर्णिमारोहिणीसुबह 7:48 – सुबह 9:11
मंगल, 10 दिसंबर 2030प्रतिपदामृगशिरादोपहर 2:47 – शाम 4:11

सामान्य प्रश्न

बुध, 4 दिसंबर 2030 को विजयवाड़ा में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि दशमी है; शाम 5:18 तक।

बुध, 4 दिसंबर 2030 को विजयवाड़ा में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद है; दोपहर 2:35 तक।

बुध, 4 दिसंबर 2030 को विजयवाड़ा में राहु काल कब है?

विजयवाड़ा में राहु काल सुबह 11:57 – दोपहर 1:21 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

बुध, 4 दिसंबर 2030 को विजयवाड़ा में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:21 और सूर्यास्त शाम 5:33 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।