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दैनिक पंचांग

विजयवाड़ा पंचांग, बुध, 31 जुलाई 2030

बुध, 31 जुलाई 2030 को विजयवाड़ा में सूर्योदय तड़के 5:47 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र आश्लेषा, योग सिद्धि और करण बव है। राहु काल दोपहर 12:13 – दोपहर 1:50 है।

सूर्योदय
तड़के 5:47
सूर्यास्त
शाम 6:39
तिथि
प्रतिपदा · शाम 5:05 तक
नक्षत्र
आश्लेषा · रात 12:27 तक
योग
सिद्धि
करण
बव
वार
बुधवार
राहु काल
दोपहर 12:13 – दोपहर 1:50
यमगंड
सुबह 7:24 – सुबह 9:00
गुलिक काल
सुबह 10:37 – दोपहर 12:13
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:41 – दोपहर 12:29
अमृत काल
सुबह 9:48 – सुबह 11:25

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आज विजयवाड़ा में

बुध, 31 जुलाई 2030 को विजयवाड़ा में सूर्योदय तड़के 5:47 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र आश्लेषा, योग सिद्धि और करण बव है। राहु काल दोपहर 12:13 – दोपहर 1:50 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल विजयवाड़ा के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

विजयवाड़ा – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
गुरु, 1 अगस्त 2030द्वितीयामघादोपहर 1:50 – दोपहर 3:26
शुक्र, 2 अगस्त 2030तृतीयापूर्वा फाल्गुनीसुबह 10:37 – दोपहर 12:13
शनि, 3 अगस्त 2030चतुर्थीउत्तरा फाल्गुनीसुबह 9:01 – सुबह 10:37
रवि, 4 अगस्त 2030पंचमीहस्तशाम 5:01 – शाम 6:38
सोम, 5 अगस्त 2030षष्ठीचित्रासुबह 7:25 – सुबह 9:01
मंगल, 6 अगस्त 2030सप्तमीस्वातीदोपहर 3:25 – शाम 5:01

सामान्य प्रश्न

बुध, 31 जुलाई 2030 को विजयवाड़ा में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा है; शाम 5:05 तक।

बुध, 31 जुलाई 2030 को विजयवाड़ा में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र आश्लेषा है; रात 12:27 तक।

बुध, 31 जुलाई 2030 को विजयवाड़ा में राहु काल कब है?

विजयवाड़ा में राहु काल दोपहर 12:13 – दोपहर 1:50 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

बुध, 31 जुलाई 2030 को विजयवाड़ा में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:47 और सूर्यास्त शाम 6:39 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।