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दैनिक पंचांग

विजयवाड़ा पंचांग, मंगल, 30 अप्रैल 2030

मंगल, 30 अप्रैल 2030 को विजयवाड़ा में सूर्योदय तड़के 5:43 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र रेवती, योग Vishkumbha और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 3:15 – शाम 4:50 है।

सूर्योदय
तड़के 5:43
सूर्यास्त
शाम 6:26
तिथि
त्रयोदशी · दोपहर 3:23 तक
नक्षत्र
रेवती · सुबह 7:37 तक
योग
Vishkumbha
करण
वणिज
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 3:15 – शाम 4:50
यमगंड
सुबह 8:54 – सुबह 10:29
गुलिक काल
दोपहर 12:04 – दोपहर 1:40
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:32 – दोपहर 12:20
अमृत काल
सुबह 8:06 – सुबह 9:41

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आज विजयवाड़ा में

मंगल, 30 अप्रैल 2030 को विजयवाड़ा में सूर्योदय तड़के 5:43 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र रेवती, योग Vishkumbha और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 3:15 – शाम 4:50 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल विजयवाड़ा के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

विजयवाड़ा – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 1 मई 2030चतुर्दशीरेवतीदोपहर 12:04 – दोपहर 1:40
गुरु, 2 मई 2030अमावस्याअश्विनीदोपहर 1:40 – दोपहर 3:15
शुक्र, 3 मई 2030प्रतिपदाभरणीसुबह 10:28 – दोपहर 12:04
शनि, 4 मई 2030द्वितीयाकृत्तिकासुबह 8:52 – सुबह 10:28
रवि, 5 मई 2030तृतीयारोहिणीशाम 4:51 – शाम 6:27
सोम, 6 मई 2030चतुर्थीमृगशिरासुबह 7:16 – सुबह 8:52

सामान्य प्रश्न

मंगल, 30 अप्रैल 2030 को विजयवाड़ा में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी है; दोपहर 3:23 तक।

मंगल, 30 अप्रैल 2030 को विजयवाड़ा में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र रेवती है; सुबह 7:37 तक।

मंगल, 30 अप्रैल 2030 को विजयवाड़ा में राहु काल कब है?

विजयवाड़ा में राहु काल दोपहर 3:15 – शाम 4:50 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 30 अप्रैल 2030 को विजयवाड़ा में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:43 और सूर्यास्त शाम 6:26 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।