दैनिक पंचांग
विजयवाड़ा पंचांग, बुध, 10 अक्टूबर 2029
बुध, 10 अक्टूबर 2029 को विजयवाड़ा में सूर्योदय तड़के 5:58 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र विशाखा, योग विष्कम्भ और करण गर है। राहु काल सुबह 11:54 – दोपहर 1:23 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:58
- सूर्यास्त
- शाम 5:49
- तिथि
- तृतीया · दोपहर 1:42 तक
- नक्षत्र
- विशाखा · रात 8:37 तक
- योग
- विष्कम्भ
- करण
- गर
- वार
- बुधवार
- राहु काल
- सुबह 11:54 – दोपहर 1:23
- यमगंड
- सुबह 7:27 – सुबह 8:56
- गुलिक काल
- सुबह 10:25 – सुबह 11:54
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:24 – दोपहर 12:12
- अमृत काल
- सुबह 9:41 – सुबह 11:09
आज विजयवाड़ा में
बुध, 10 अक्टूबर 2029 को विजयवाड़ा में सूर्योदय तड़के 5:58 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र विशाखा, योग विष्कम्भ और करण गर है। राहु काल सुबह 11:54 – दोपहर 1:23 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल विजयवाड़ा के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| गुरु, 11 अक्टूबर 2029 | चतुर्थी | अनुराधा | दोपहर 1:22 – दोपहर 2:51 |
| शुक्र, 12 अक्टूबर 2029 | पंचमी | ज्येष्ठा | सुबह 10:25 – सुबह 11:53 |
| शनि, 13 अक्टूबर 2029 | षष्ठी | मूल | सुबह 8:56 – सुबह 10:25 |
| रवि, 14 अक्टूबर 2029 | अष्टमी | पूर्वाषाढ़ा | शाम 4:18 – शाम 5:46 |
| सोम, 15 अक्टूबर 2029 | नवमी | उत्तराषाढ़ा | सुबह 7:28 – सुबह 8:56 |
| मंगल, 16 अक्टूबर 2029 | दशमी | श्रवण | दोपहर 2:49 – शाम 4:17 |
सामान्य प्रश्न
बुध, 10 अक्टूबर 2029 को विजयवाड़ा में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि तृतीया है; दोपहर 1:42 तक।
बुध, 10 अक्टूबर 2029 को विजयवाड़ा में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र विशाखा है; रात 8:37 तक।
बुध, 10 अक्टूबर 2029 को विजयवाड़ा में राहु काल कब है?
विजयवाड़ा में राहु काल सुबह 11:54 – दोपहर 1:23 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
बुध, 10 अक्टूबर 2029 को विजयवाड़ा में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:58 और सूर्यास्त शाम 5:49 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।