दैनिक पंचांग
विजयवाड़ा पंचांग, सोम, 24 सितंबर 2029
सोम, 24 सितंबर 2029 को विजयवाड़ा में सूर्योदय तड़के 5:56 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र रेवती, योग वृद्धि और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 7:27 – सुबह 8:57 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:56
- सूर्यास्त
- शाम 6:01
- तिथि
- द्वितीया · रात 2:16 तक
- नक्षत्र
- रेवती · रात 10:37 तक
- योग
- वृद्धि
- करण
- तैतिल
- वार
- सोमवार
- राहु काल
- सुबह 7:27 – सुबह 8:57
- यमगंड
- सुबह 10:28 – सुबह 11:59
- गुलिक काल
- दोपहर 1:29 – दोपहर 3:00
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:29 – दोपहर 12:17
- अमृत काल
- सुबह 6:41 – सुबह 8:12
आज विजयवाड़ा में
सोम, 24 सितंबर 2029 को विजयवाड़ा में सूर्योदय तड़के 5:56 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र रेवती, योग वृद्धि और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 7:27 – सुबह 8:57 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल विजयवाड़ा के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| मंगल, 25 सितंबर 2029 | तृतीया | अश्विनी | दोपहर 3:00 – शाम 4:30 |
| बुध, 26 सितंबर 2029 | चतुर्थी | भरणी | सुबह 11:58 – दोपहर 1:29 |
| गुरु, 27 सितंबर 2029 | चतुर्थी | कृत्तिका | दोपहर 1:28 – दोपहर 2:58 |
| शुक्र, 28 सितंबर 2029 | पंचमी | कृत्तिका | सुबह 10:27 – सुबह 11:57 |
| शनि, 29 सितंबर 2029 | षष्ठी | रोहिणी | सुबह 8:57 – सुबह 10:27 |
| रवि, 30 सितंबर 2029 | सप्तमी | मृगशिरा | शाम 4:27 – शाम 5:57 |
सामान्य प्रश्न
सोम, 24 सितंबर 2029 को विजयवाड़ा में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि द्वितीया है; रात 2:16 तक।
सोम, 24 सितंबर 2029 को विजयवाड़ा में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र रेवती है; रात 10:37 तक।
सोम, 24 सितंबर 2029 को विजयवाड़ा में राहु काल कब है?
विजयवाड़ा में राहु काल सुबह 7:27 – सुबह 8:57 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
सोम, 24 सितंबर 2029 को विजयवाड़ा में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:56 और सूर्यास्त शाम 6:01 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।