दैनिक पंचांग
विजयवाड़ा पंचांग, मंगल, 10 जुलाई 2029
मंगल, 10 जुलाई 2029 को विजयवाड़ा में सूर्योदय तड़के 5:41 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र मृगशिरा, योग वृद्धि और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 3:28 – शाम 5:06 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:41
- सूर्यास्त
- शाम 6:44
- तिथि
- चतुर्दशी · रात 9:40 तक
- नक्षत्र
- मृगशिरा · सुबह 10:58 तक
- योग
- वृद्धि
- करण
- विष्टि
- वार
- मंगलवार
- राहु काल
- दोपहर 3:28 – शाम 5:06
- यमगंड
- सुबह 8:56 – सुबह 10:34
- गुलिक काल
- दोपहर 12:12 – दोपहर 1:50
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:40 – दोपहर 12:28
- अमृत काल
- सुबह 8:08 – सुबह 9:45
आज विजयवाड़ा में
मंगल, 10 जुलाई 2029 को विजयवाड़ा में सूर्योदय तड़के 5:41 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र मृगशिरा, योग वृद्धि और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 3:28 – शाम 5:06 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल विजयवाड़ा के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| बुध, 11 जुलाई 2029 | अमावस्या | आर्द्रा | दोपहर 12:12 – दोपहर 1:50 |
| गुरु, 12 जुलाई 2029 | प्रतिपदा | पुनर्वसु | दोपहर 1:50 – दोपहर 3:28 |
| शुक्र, 13 जुलाई 2029 | द्वितीया | पुष्य | सुबह 10:35 – दोपहर 12:13 |
| शनि, 14 जुलाई 2029 | तृतीया | आश्लेषा | सुबह 8:57 – सुबह 10:35 |
| रवि, 15 जुलाई 2029 | चतुर्थी | मघा | शाम 5:06 – शाम 6:43 |
| सोम, 16 जुलाई 2029 | पंचमी | पूर्वा फाल्गुनी | सुबह 7:20 – सुबह 8:58 |
सामान्य प्रश्न
मंगल, 10 जुलाई 2029 को विजयवाड़ा में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी है; रात 9:40 तक।
मंगल, 10 जुलाई 2029 को विजयवाड़ा में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र मृगशिरा है; सुबह 10:58 तक।
मंगल, 10 जुलाई 2029 को विजयवाड़ा में राहु काल कब है?
विजयवाड़ा में राहु काल दोपहर 3:28 – शाम 5:06 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
मंगल, 10 जुलाई 2029 को विजयवाड़ा में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:41 और सूर्यास्त शाम 6:44 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।