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दैनिक पंचांग

वाराणसी पंचांग, शनि, 3 जनवरी 2032

शनि, 3 जनवरी 2032 को वाराणसी में सूर्योदय सुबह 6:44 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी, योग प्रीति और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 9:23 – सुबह 10:42 है।

सूर्योदय
सुबह 6:44
सूर्यास्त
शाम 5:20
तिथि
पंचमी · सुबह 11:17 तक
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी · तड़के 4:25 तक
योग
प्रीति
करण
तैतिल
वार
शनिवार
राहु काल
सुबह 9:23 – सुबह 10:42
यमगंड
दोपहर 1:21 – दोपहर 2:41
गुलिक काल
सुबह 6:44 – सुबह 8:03
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:35 – दोपहर 12:23
अमृत काल
दोपहर 2:01 – दोपहर 3:21

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आज वाराणसी में

शनि, 3 जनवरी 2032 को वाराणसी में सूर्योदय सुबह 6:44 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी, योग प्रीति और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 9:23 – सुबह 10:42 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल वाराणसी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

वाराणसी – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
रवि, 4 जनवरी 2032षष्ठीउत्तरा फाल्गुनीशाम 4:01 – शाम 5:21
सोम, 5 जनवरी 2032सप्तमीउत्तरा फाल्गुनीसुबह 8:04 – सुबह 9:23
मंगल, 6 जनवरी 2032अष्टमीहस्तदोपहर 2:43 – शाम 4:02
बुध, 7 जनवरी 2032नवमीचित्रादोपहर 12:04 – दोपहर 1:23
गुरु, 8 जनवरी 2032दशमीस्वातीदोपहर 1:24 – दोपहर 2:44
शुक्र, 9 जनवरी 2032एकादशीविशाखासुबह 10:45 – दोपहर 12:04

सामान्य प्रश्न

शनि, 3 जनवरी 2032 को वाराणसी में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि पंचमी है; सुबह 11:17 तक।

शनि, 3 जनवरी 2032 को वाराणसी में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी है; तड़के 4:25 तक।

शनि, 3 जनवरी 2032 को वाराणसी में राहु काल कब है?

वाराणसी में राहु काल सुबह 9:23 – सुबह 10:42 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शनि, 3 जनवरी 2032 को वाराणसी में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:44 और सूर्यास्त शाम 5:20 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।