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दैनिक पंचांग

वाराणसी पंचांग, शनि, 20 दिसंबर 2031

शनि, 20 दिसंबर 2031 को वाराणसी में सूर्योदय सुबह 6:38 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद, योग वज्र और करण गर है। राहु काल सुबह 9:16 – सुबह 10:36 है।

सूर्योदय
सुबह 6:38
सूर्यास्त
शाम 5:12
तिथि
सप्तमी · शाम 6:13 तक
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद · रात 3:17 तक
योग
वज्र
करण
गर
वार
शनिवार
राहु काल
सुबह 9:16 – सुबह 10:36
यमगंड
दोपहर 1:14 – दोपहर 2:33
गुलिक काल
सुबह 6:38 – सुबह 7:57
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:29 – दोपहर 12:17
अमृत काल
दोपहर 1:54 – दोपहर 3:13

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आज वाराणसी में

शनि, 20 दिसंबर 2031 को वाराणसी में सूर्योदय सुबह 6:38 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद, योग वज्र और करण गर है। राहु काल सुबह 9:16 – सुबह 10:36 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल वाराणसी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

वाराणसी – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
रवि, 21 दिसंबर 2031अष्टमीउत्तरा भाद्रपददोपहर 3:53 – शाम 5:12
सोम, 22 दिसंबर 2031नवमीरेवतीसुबह 7:58 – सुबह 9:17
मंगल, 23 दिसंबर 2031दशमीअश्विनीदोपहर 2:35 – दोपहर 3:54
बुध, 24 दिसंबर 2031एकादशीभरणीसुबह 11:57 – दोपहर 1:16
गुरु, 25 दिसंबर 2031द्वादशीकृत्तिकादोपहर 1:17 – दोपहर 2:36
शुक्र, 26 दिसंबर 2031त्रयोदशीकृत्तिकासुबह 10:39 – सुबह 11:58

सामान्य प्रश्न

शनि, 20 दिसंबर 2031 को वाराणसी में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि सप्तमी है; शाम 6:13 तक।

शनि, 20 दिसंबर 2031 को वाराणसी में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद है; रात 3:17 तक।

शनि, 20 दिसंबर 2031 को वाराणसी में राहु काल कब है?

वाराणसी में राहु काल सुबह 9:16 – सुबह 10:36 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शनि, 20 दिसंबर 2031 को वाराणसी में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:38 और सूर्यास्त शाम 5:12 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।