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दैनिक पंचांग

वाराणसी पंचांग, गुरु, 10 अप्रैल 2031

गुरु, 10 अप्रैल 2031 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:41 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र विशाखा, योग वज्र और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 1:34 – दोपहर 3:09 है।

सूर्योदय
तड़के 5:41
सूर्यास्त
शाम 6:18
तिथि
तृतीया · शाम 4:49 तक
नक्षत्र
विशाखा · शाम 6:53 तक
योग
वज्र
करण
वणिज
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 1:34 – दोपहर 3:09
यमगंड
तड़के 5:41 – सुबह 7:15
गुलिक काल
सुबह 8:50 – सुबह 10:25
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:28 – दोपहर 12:16
अमृत काल
सुबह 11:12 – दोपहर 12:47

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आज वाराणसी में

गुरु, 10 अप्रैल 2031 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:41 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र विशाखा, योग वज्र और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 1:34 – दोपहर 3:09 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल वाराणसी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

वाराणसी – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 11 अप्रैल 2031चतुर्थीअनुराधासुबह 10:24 – सुबह 11:59
शनि, 12 अप्रैल 2031पंचमीज्येष्ठासुबह 8:49 – सुबह 10:24
रवि, 13 अप्रैल 2031षष्ठीमूलशाम 4:44 – शाम 6:19
सोम, 14 अप्रैल 2031सप्तमीपूर्वाषाढ़ासुबह 7:12 – सुबह 8:47
मंगल, 15 अप्रैल 2031नवमीउत्तराषाढ़ादोपहर 3:09 – शाम 4:45
बुध, 16 अप्रैल 2031दशमीश्रवणसुबह 11:58 – दोपहर 1:33

सामान्य प्रश्न

गुरु, 10 अप्रैल 2031 को वाराणसी में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि तृतीया है; शाम 4:49 तक।

गुरु, 10 अप्रैल 2031 को वाराणसी में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र विशाखा है; शाम 6:53 तक।

गुरु, 10 अप्रैल 2031 को वाराणसी में राहु काल कब है?

वाराणसी में राहु काल दोपहर 1:34 – दोपहर 3:09 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 10 अप्रैल 2031 को वाराणसी में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:41 और सूर्यास्त शाम 6:18 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।