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दैनिक पंचांग

वाराणसी पंचांग, बुध, 25 दिसंबर 2030

बुध, 25 दिसंबर 2030 को वाराणसी में सूर्योदय सुबह 6:41 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र मूल, योग गण्ड और करण किंस्तुघ्न है। राहु काल सुबह 11:58 – दोपहर 1:17 है।

सूर्योदय
सुबह 6:41
सूर्यास्त
शाम 5:15
तिथि
प्रतिपदा · रात 7:19 तक
नक्षत्र
मूल · सुबह 6:24 तक
योग
गण्ड
करण
किंस्तुघ्न
वार
बुधवार
राहु काल
सुबह 11:58 – दोपहर 1:17
यमगंड
सुबह 8:00 – सुबह 9:19
गुलिक काल
सुबह 10:38 – सुबह 11:58
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:31 – दोपहर 12:19
अमृत काल
सुबह 9:59 – सुबह 11:18

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आज वाराणसी में

बुध, 25 दिसंबर 2030 को वाराणसी में सूर्योदय सुबह 6:41 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र मूल, योग गण्ड और करण किंस्तुघ्न है। राहु काल सुबह 11:58 – दोपहर 1:17 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल वाराणसी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

वाराणसी – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
गुरु, 26 दिसंबर 2030द्वितीयाउत्तराषाढ़ादोपहर 1:17 – दोपहर 2:37
शुक्र, 27 दिसंबर 2030तृतीयाश्रवणसुबह 10:39 – सुबह 11:59
शनि, 28 दिसंबर 2030चतुर्थीधनिष्ठासुबह 9:20 – सुबह 10:40
रवि, 29 दिसंबर 2030पंचमीशतभिषादोपहर 3:58 – शाम 5:17
सोम, 30 दिसंबर 2030षष्ठीपूर्वा भाद्रपदसुबह 8:02 – सुबह 9:21
मंगल, 31 दिसंबर 2030सप्तमीउत्तरा भाद्रपददोपहर 2:39 – दोपहर 3:59

सामान्य प्रश्न

बुध, 25 दिसंबर 2030 को वाराणसी में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा है; रात 7:19 तक।

बुध, 25 दिसंबर 2030 को वाराणसी में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र मूल है; सुबह 6:24 तक।

बुध, 25 दिसंबर 2030 को वाराणसी में राहु काल कब है?

वाराणसी में राहु काल सुबह 11:58 – दोपहर 1:17 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

बुध, 25 दिसंबर 2030 को वाराणसी में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:41 और सूर्यास्त शाम 5:15 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।