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दैनिक पंचांग

वाराणसी पंचांग, सोम, 14 अक्टूबर 2030

सोम, 14 अक्टूबर 2030 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:55 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र भरणी, योग वज्र और करण वणिज है। राहु काल सुबह 7:22 – सुबह 8:49 है।

सूर्योदय
तड़के 5:55
सूर्यास्त
शाम 5:32
तिथि
तृतीया · रात 9:09 तक
नक्षत्र
भरणी · सुबह 8:21 तक
योग
वज्र
करण
वणिज
वार
सोमवार
राहु काल
सुबह 7:22 – सुबह 8:49
यमगंड
सुबह 10:16 – सुबह 11:43
गुलिक काल
दोपहर 1:10 – दोपहर 2:38
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:14 – दोपहर 12:02
अमृत काल
सुबह 6:39 – सुबह 8:06

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आज वाराणसी में

सोम, 14 अक्टूबर 2030 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:55 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र भरणी, योग वज्र और करण वणिज है। राहु काल सुबह 7:22 – सुबह 8:49 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल वाराणसी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

वाराणसी – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
मंगल, 15 अक्टूबर 2030चतुर्थीकृत्तिकादोपहर 2:37 – शाम 4:04
बुध, 16 अक्टूबर 2030पंचमीरोहिणीसुबह 11:43 – दोपहर 1:10
गुरु, 17 अक्टूबर 2030षष्ठीमृगशिरादोपहर 1:09 – दोपहर 2:36
शुक्र, 18 अक्टूबर 2030सप्तमीआर्द्रासुबह 10:16 – सुबह 11:43
शनि, 19 अक्टूबर 2030सप्तमीपुनर्वसुसुबह 8:50 – सुबह 10:16
रवि, 20 अक्टूबर 2030अष्टमीपुष्यशाम 4:00 – शाम 5:26

सामान्य प्रश्न

सोम, 14 अक्टूबर 2030 को वाराणसी में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि तृतीया है; रात 9:09 तक।

सोम, 14 अक्टूबर 2030 को वाराणसी में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र भरणी है; सुबह 8:21 तक।

सोम, 14 अक्टूबर 2030 को वाराणसी में राहु काल कब है?

वाराणसी में राहु काल सुबह 7:22 – सुबह 8:49 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

सोम, 14 अक्टूबर 2030 को वाराणसी में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:55 और सूर्यास्त शाम 5:32 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।