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दैनिक पंचांग

वाराणसी पंचांग, बुध, 21 अगस्त 2030

बुध, 21 अगस्त 2030 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:34 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र कृत्तिका, योग वृद्धि और करण बालव है। राहु काल दोपहर 12:01 – दोपहर 1:37 है।

सूर्योदय
तड़के 5:34
सूर्यास्त
शाम 6:28
तिथि
अष्टमी · रात 8:01 तक
नक्षत्र
कृत्तिका · रात 7:24 तक
योग
वृद्धि
करण
बालव
वार
बुधवार
राहु काल
दोपहर 12:01 – दोपहर 1:37
यमगंड
सुबह 7:10 – सुबह 8:47
गुलिक काल
सुबह 10:24 – दोपहर 12:01
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:28 – दोपहर 12:16
अमृत काल
सुबह 9:36 – सुबह 11:12

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आज वाराणसी में

बुध, 21 अगस्त 2030 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:34 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र कृत्तिका, योग वृद्धि और करण बालव है। राहु काल दोपहर 12:01 – दोपहर 1:37 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल वाराणसी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

वाराणसी – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
गुरु, 22 अगस्त 2030नवमीरोहिणीदोपहर 1:37 – दोपहर 3:13
शुक्र, 23 अगस्त 2030दशमीमृगशिरासुबह 10:24 – दोपहर 12:00
शनि, 24 अगस्त 2030एकादशीआर्द्रासुबह 8:47 – सुबह 10:24
रवि, 25 अगस्त 2030द्वादशीपुनर्वसुशाम 4:48 – शाम 6:24
सोम, 26 अगस्त 2030त्रयोदशीपुनर्वसुसुबह 7:12 – सुबह 8:48
मंगल, 27 अगस्त 2030चतुर्दशीपुष्यदोपहर 3:10 – शाम 4:46

सामान्य प्रश्न

बुध, 21 अगस्त 2030 को वाराणसी में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि अष्टमी है; रात 8:01 तक।

बुध, 21 अगस्त 2030 को वाराणसी में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र कृत्तिका है; रात 7:24 तक।

बुध, 21 अगस्त 2030 को वाराणसी में राहु काल कब है?

वाराणसी में राहु काल दोपहर 12:01 – दोपहर 1:37 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

बुध, 21 अगस्त 2030 को वाराणसी में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:34 और सूर्यास्त शाम 6:28 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।