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दैनिक पंचांग

वाराणसी पंचांग, बुध, 3 जुलाई 2030

बुध, 3 जुलाई 2030 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:11 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र पुष्य, योग व्याघात और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 12:02 – दोपहर 1:44 है।

सूर्योदय
तड़के 5:11
सूर्यास्त
शाम 6:52
तिथि
द्वितीया · सुबह 6:03 तक
नक्षत्र
पुष्य · शाम 5:09 तक
योग
व्याघात
करण
कौलव
वार
बुधवार
राहु काल
दोपहर 12:02 – दोपहर 1:44
यमगंड
सुबह 6:54 – सुबह 8:37
गुलिक काल
सुबह 10:19 – दोपहर 12:02
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:28 – दोपहर 12:16
अमृत काल
सुबह 9:28 – सुबह 11:11

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आज वाराणसी में

बुध, 3 जुलाई 2030 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:11 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र पुष्य, योग व्याघात और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 12:02 – दोपहर 1:44 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल वाराणसी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

वाराणसी – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
गुरु, 4 जुलाई 2030तृतीयाआश्लेषादोपहर 1:45 – दोपहर 3:27
शुक्र, 5 जुलाई 2030चतुर्थीमघासुबह 10:20 – दोपहर 12:02
शनि, 6 जुलाई 2030पंचमीपूर्वा फाल्गुनीसुबह 8:37 – सुबह 10:20
रवि, 7 जुलाई 2030षष्ठीउत्तरा फाल्गुनीशाम 5:10 – शाम 6:52
सोम, 8 जुलाई 2030अष्टमीहस्तसुबह 6:56 – सुबह 8:38
मंगल, 9 जुलाई 2030नवमीचित्रादोपहर 3:27 – शाम 5:09

सामान्य प्रश्न

बुध, 3 जुलाई 2030 को वाराणसी में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि द्वितीया है; सुबह 6:03 तक।

बुध, 3 जुलाई 2030 को वाराणसी में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पुष्य है; शाम 5:09 तक।

बुध, 3 जुलाई 2030 को वाराणसी में राहु काल कब है?

वाराणसी में राहु काल दोपहर 12:02 – दोपहर 1:44 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

बुध, 3 जुलाई 2030 को वाराणसी में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:11 और सूर्यास्त शाम 6:52 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।