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दैनिक पंचांग

वाराणसी पंचांग, सोम, 24 जून 2030

सोम, 24 जून 2030 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:09 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र रेवती, योग सौभाग्य और करण गर है। राहु काल सुबह 6:51 – सुबह 8:34 है।

सूर्योदय
तड़के 5:09
सूर्यास्त
शाम 6:51
तिथि
नवमी · दोपहर 12:56 तक
नक्षत्र
रेवती · रात 7:45 तक
योग
सौभाग्य
करण
गर
वार
सोमवार
राहु काल
सुबह 6:51 – सुबह 8:34
यमगंड
सुबह 10:17 – दोपहर 12:00
गुलिक काल
दोपहर 1:43 – दोपहर 3:26
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:26 – दोपहर 12:14
अमृत काल
सुबह 6:00 – सुबह 7:43

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आज वाराणसी में

सोम, 24 जून 2030 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:09 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र रेवती, योग सौभाग्य और करण गर है। राहु काल सुबह 6:51 – सुबह 8:34 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल वाराणसी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

वाराणसी – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
मंगल, 25 जून 2030दशमीअश्विनीदोपहर 3:26 – शाम 5:09
बुध, 26 जून 2030एकादशीभरणीदोपहर 12:00 – दोपहर 1:43
गुरु, 27 जून 2030द्वादशीकृत्तिकादोपहर 1:43 – दोपहर 3:26
शुक्र, 28 जून 2030त्रयोदशीरोहिणीसुबह 10:18 – दोपहर 12:01
शनि, 29 जून 2030चतुर्दशीरोहिणीसुबह 8:36 – सुबह 10:18
रवि, 30 जून 2030अमावस्यामृगशिराशाम 5:09 – शाम 6:52

सामान्य प्रश्न

सोम, 24 जून 2030 को वाराणसी में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि नवमी है; दोपहर 12:56 तक।

सोम, 24 जून 2030 को वाराणसी में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र रेवती है; रात 7:45 तक।

सोम, 24 जून 2030 को वाराणसी में राहु काल कब है?

वाराणसी में राहु काल सुबह 6:51 – सुबह 8:34 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

सोम, 24 जून 2030 को वाराणसी में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:09 और सूर्यास्त शाम 6:51 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।