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दैनिक पंचांग

वाराणसी पंचांग, बुध, 8 मई 2030

बुध, 8 मई 2030 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:17 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र पुनर्वसु, योग सुकर्मा और करण बालव है। राहु काल सुबह 11:54 – दोपहर 1:34 है।

सूर्योदय
तड़के 5:17
सूर्यास्त
शाम 6:32
तिथि
पंचमी · सुबह 8:00 तक
नक्षत्र
पुनर्वसु · रात 3:45 तक
योग
सुकर्मा
करण
बालव
वार
बुधवार
राहु काल
सुबह 11:54 – दोपहर 1:34
यमगंड
सुबह 6:56 – सुबह 8:36
गुलिक काल
सुबह 10:15 – सुबह 11:54
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:21 – दोपहर 12:09
अमृत काल
सुबह 9:25 – सुबह 11:05

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आज वाराणसी में

बुध, 8 मई 2030 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:17 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र पुनर्वसु, योग सुकर्मा और करण बालव है। राहु काल सुबह 11:54 – दोपहर 1:34 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल वाराणसी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

वाराणसी – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
गुरु, 9 मई 2030षष्ठीपुष्यदोपहर 1:34 – दोपहर 3:13
शुक्र, 10 मई 2030सप्तमीआश्लेषासुबह 10:15 – सुबह 11:54
शनि, 11 मई 2030अष्टमीआश्लेषासुबह 8:35 – सुबह 10:14
रवि, 12 मई 2030नवमीमघाशाम 4:54 – शाम 6:34
सोम, 13 मई 2030दशमीपूर्वा फाल्गुनीसुबह 6:54 – सुबह 8:34
मंगल, 14 मई 2030एकादशीहस्तदोपहर 3:14 – शाम 4:55

सामान्य प्रश्न

बुध, 8 मई 2030 को वाराणसी में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि पंचमी है; सुबह 8:00 तक।

बुध, 8 मई 2030 को वाराणसी में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पुनर्वसु है; रात 3:45 तक।

बुध, 8 मई 2030 को वाराणसी में राहु काल कब है?

वाराणसी में राहु काल सुबह 11:54 – दोपहर 1:34 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

बुध, 8 मई 2030 को वाराणसी में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:17 और सूर्यास्त शाम 6:32 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।