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दैनिक पंचांग

वाराणसी पंचांग, बुध, 13 मार्च 2030

बुध, 13 मार्च 2030 को वाराणसी में सूर्योदय सुबह 6:09 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र मृगशिरा, योग प्रीति और करण बालव है। राहु काल दोपहर 12:07 – दोपहर 1:37 है।

सूर्योदय
सुबह 6:09
सूर्यास्त
शाम 6:05
तिथि
नवमी · तड़के 5:07 तक
नक्षत्र
मृगशिरा · सुबह 8:30 तक
योग
प्रीति
करण
बालव
वार
बुधवार
राहु काल
दोपहर 12:07 – दोपहर 1:37
यमगंड
सुबह 7:39 – सुबह 9:08
गुलिक काल
सुबह 10:38 – दोपहर 12:07
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:37 – दोपहर 12:25
अमृत काल
सुबह 9:53 – सुबह 11:23

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आज वाराणसी में

बुध, 13 मार्च 2030 को वाराणसी में सूर्योदय सुबह 6:09 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र मृगशिरा, योग प्रीति और करण बालव है। राहु काल दोपहर 12:07 – दोपहर 1:37 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल वाराणसी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

वाराणसी – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
गुरु, 14 मार्च 2030दशमीआर्द्रादोपहर 1:37 – दोपहर 3:06
शुक्र, 15 मार्च 2030दशमीपुनर्वसुसुबह 10:37 – दोपहर 12:07
शनि, 16 मार्च 2030एकादशीपुष्यसुबह 9:06 – सुबह 10:36
रवि, 17 मार्च 2030द्वादशीआश्लेषाशाम 4:37 – शाम 6:07
सोम, 18 मार्च 2030चतुर्दशीमघासुबह 7:34 – सुबह 9:05
मंगल, 19 मार्च 2030पूर्णिमापूर्वा फाल्गुनीदोपहर 3:07 – शाम 4:38

सामान्य प्रश्न

बुध, 13 मार्च 2030 को वाराणसी में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि नवमी है; तड़के 5:07 तक।

बुध, 13 मार्च 2030 को वाराणसी में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र मृगशिरा है; सुबह 8:30 तक।

बुध, 13 मार्च 2030 को वाराणसी में राहु काल कब है?

वाराणसी में राहु काल दोपहर 12:07 – दोपहर 1:37 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

बुध, 13 मार्च 2030 को वाराणसी में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:09 और सूर्यास्त शाम 6:05 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।