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दैनिक पंचांग

वाराणसी पंचांग, बुध, 5 दिसंबर 2029

बुध, 5 दिसंबर 2029 को वाराणसी में सूर्योदय सुबह 6:29 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अमावस्या, नक्षत्र अनुराधा, योग अतिगण्ड और करण चतुष्पद है। राहु काल सुबह 11:48 – दोपहर 1:08 है।

सूर्योदय
सुबह 6:29
सूर्यास्त
शाम 5:07
तिथि
अमावस्या · रात 8:22 तक
नक्षत्र
अनुराधा · दोपहर 3:51 तक
योग
अतिगण्ड
करण
चतुष्पद
वार
बुधवार
राहु काल
सुबह 11:48 – दोपहर 1:08
यमगंड
सुबह 7:49 – सुबह 9:09
गुलिक काल
सुबह 10:28 – सुबह 11:48
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:22 – दोपहर 12:10
अमृत काल
सुबह 9:48 – सुबह 11:08

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आज वाराणसी में

बुध, 5 दिसंबर 2029 को वाराणसी में सूर्योदय सुबह 6:29 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अमावस्या, नक्षत्र अनुराधा, योग अतिगण्ड और करण चतुष्पद है। राहु काल सुबह 11:48 – दोपहर 1:08 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल वाराणसी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

वाराणसी – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
गुरु, 6 दिसंबर 2029प्रतिपदाज्येष्ठादोपहर 1:08 – दोपहर 2:28
शुक्र, 7 दिसंबर 2029द्वितीयामूलसुबह 10:29 – सुबह 11:49
शनि, 8 दिसंबर 2029तृतीयापूर्वाषाढ़ासुबह 9:10 – सुबह 10:30
रवि, 9 दिसंबर 2029चतुर्थीउत्तराषाढ़ादोपहर 3:49 – शाम 5:08
सोम, 10 दिसंबर 2029पंचमीश्रवणसुबह 7:52 – सुबह 9:11
मंगल, 11 दिसंबर 2029षष्ठीधनिष्ठादोपहर 2:30 – दोपहर 3:49

सामान्य प्रश्न

बुध, 5 दिसंबर 2029 को वाराणसी में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि अमावस्या है; रात 8:22 तक।

बुध, 5 दिसंबर 2029 को वाराणसी में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र अनुराधा है; दोपहर 3:51 तक।

बुध, 5 दिसंबर 2029 को वाराणसी में राहु काल कब है?

वाराणसी में राहु काल सुबह 11:48 – दोपहर 1:08 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

बुध, 5 दिसंबर 2029 को वाराणसी में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:29 और सूर्यास्त शाम 5:07 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।