सामग्री पर जाएँ

दैनिक पंचांग

वाराणसी पंचांग, शुक्र, 9 नवंबर 2029

शुक्र, 9 नवंबर 2029 को वाराणसी में सूर्योदय सुबह 6:11 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र मूल, योग अतिगण्ड और करण वणिज है। राहु काल सुबह 10:19 – सुबह 11:41 है।

सूर्योदय
सुबह 6:11
सूर्यास्त
शाम 5:12
तिथि
चतुर्थी · रात 9:03 तक
नक्षत्र
मूल · रात 12:35 तक
योग
अतिगण्ड
करण
वणिज
वार
शुक्रवार
राहु काल
सुबह 10:19 – सुबह 11:41
यमगंड
दोपहर 2:27 – दोपहर 3:49
गुलिक काल
सुबह 7:33 – सुबह 8:56
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:14 – दोपहर 12:02
अमृत काल
दोपहर 12:23 – दोपहर 1:45

पूरा पंचांग खोलें

आज वाराणसी में

शुक्र, 9 नवंबर 2029 को वाराणसी में सूर्योदय सुबह 6:11 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र मूल, योग अतिगण्ड और करण वणिज है। राहु काल सुबह 10:19 – सुबह 11:41 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल वाराणसी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

वाराणसी – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शनि, 10 नवंबर 2029पंचमीपूर्वाषाढ़ासुबह 8:56 – सुबह 10:19
रवि, 11 नवंबर 2029षष्ठीउत्तराषाढ़ादोपहर 3:49 – शाम 5:11
सोम, 12 नवंबर 2029सप्तमीश्रवणसुबह 7:35 – सुबह 8:57
मंगल, 13 नवंबर 2029अष्टमीधनिष्ठादोपहर 2:26 – दोपहर 3:48
बुध, 14 नवंबर 2029नवमीशतभिषासुबह 11:42 – दोपहर 1:04
गुरु, 15 नवंबर 2029दशमीपूर्वा भाद्रपददोपहर 1:04 – दोपहर 2:26

सामान्य प्रश्न

शुक्र, 9 नवंबर 2029 को वाराणसी में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी है; रात 9:03 तक।

शुक्र, 9 नवंबर 2029 को वाराणसी में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र मूल है; रात 12:35 तक।

शुक्र, 9 नवंबर 2029 को वाराणसी में राहु काल कब है?

वाराणसी में राहु काल सुबह 10:19 – सुबह 11:41 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शुक्र, 9 नवंबर 2029 को वाराणसी में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:11 और सूर्यास्त शाम 5:12 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।