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दैनिक पंचांग

वाराणसी पंचांग, सोम, 20 अगस्त 2029

सोम, 20 अगस्त 2029 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:33 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा, योग विष्कम्भ और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 7:10 – सुबह 8:47 है।

सूर्योदय
तड़के 5:33
सूर्यास्त
शाम 6:28
तिथि
एकादशी · सुबह 7:30 तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा · तड़के 4:25 तक
योग
विष्कम्भ
करण
विष्टि
वार
सोमवार
राहु काल
सुबह 7:10 – सुबह 8:47
यमगंड
सुबह 10:24 – दोपहर 12:01
गुलिक काल
दोपहर 1:38 – दोपहर 3:15
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:28 – दोपहर 12:16
अमृत काल
सुबह 6:22 – सुबह 7:59

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आज वाराणसी में

सोम, 20 अगस्त 2029 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:33 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा, योग विष्कम्भ और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 7:10 – सुबह 8:47 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल वाराणसी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

वाराणसी – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
मंगल, 21 अगस्त 2029द्वादशीउत्तराषाढ़ादोपहर 3:14 – शाम 4:51
बुध, 22 अगस्त 2029त्रयोदशीश्रवणदोपहर 12:00 – दोपहर 1:37
गुरु, 23 अगस्त 2029चतुर्दशीश्रवणदोपहर 1:36 – दोपहर 3:13
शुक्र, 24 अगस्त 2029पूर्णिमाधनिष्ठासुबह 10:24 – दोपहर 12:00
शनि, 25 अगस्त 2029प्रतिपदाशतभिषासुबह 8:47 – सुबह 10:23
रवि, 26 अगस्त 2029द्वितीयापूर्वा भाद्रपदशाम 4:47 – शाम 6:23

सामान्य प्रश्न

सोम, 20 अगस्त 2029 को वाराणसी में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि एकादशी है; सुबह 7:30 तक।

सोम, 20 अगस्त 2029 को वाराणसी में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा है; तड़के 4:25 तक।

सोम, 20 अगस्त 2029 को वाराणसी में राहु काल कब है?

वाराणसी में राहु काल सुबह 7:10 – सुबह 8:47 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

सोम, 20 अगस्त 2029 को वाराणसी में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:33 और सूर्यास्त शाम 6:28 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।