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दैनिक पंचांग

वाराणसी पंचांग, सोम, 13 अगस्त 2029

सोम, 13 अगस्त 2029 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:30 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी, योग शिव और करण वणिज है। राहु काल सुबह 7:08 – सुबह 8:46 है।

सूर्योदय
तड़के 5:30
सूर्यास्त
शाम 6:34
तिथि
चतुर्थी · रात 9:06 तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी · दोपहर 1:00 तक
योग
शिव
करण
वणिज
वार
सोमवार
राहु काल
सुबह 7:08 – सुबह 8:46
यमगंड
सुबह 10:24 – दोपहर 12:02
गुलिक काल
दोपहर 1:40 – दोपहर 3:18
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:30 – दोपहर 12:18
अमृत काल
सुबह 6:19 – सुबह 7:57

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आज वाराणसी में

सोम, 13 अगस्त 2029 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:30 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी, योग शिव और करण वणिज है। राहु काल सुबह 7:08 – सुबह 8:46 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल वाराणसी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

वाराणसी – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
मंगल, 14 अगस्त 2029पंचमीहस्तदोपहर 3:18 – शाम 4:56
बुध, 15 अगस्त 2029षष्ठीचित्रादोपहर 12:02 – दोपहर 1:40
गुरु, 16 अगस्त 2029सप्तमीस्वातीदोपहर 1:39 – दोपहर 3:17
शुक्र, 17 अगस्त 2029अष्टमीविशाखासुबह 10:24 – दोपहर 12:01
शनि, 18 अगस्त 2029नवमीज्येष्ठासुबह 8:47 – सुबह 10:24
रवि, 19 अगस्त 2029दशमीमूलशाम 4:52 – शाम 6:29

सामान्य प्रश्न

सोम, 13 अगस्त 2029 को वाराणसी में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी है; रात 9:06 तक।

सोम, 13 अगस्त 2029 को वाराणसी में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी है; दोपहर 1:00 तक।

सोम, 13 अगस्त 2029 को वाराणसी में राहु काल कब है?

वाराणसी में राहु काल सुबह 7:08 – सुबह 8:46 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

सोम, 13 अगस्त 2029 को वाराणसी में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:30 और सूर्यास्त शाम 6:34 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।