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दैनिक पंचांग

वाराणसी पंचांग, बुध, 25 जुलाई 2029

बुध, 25 जुलाई 2029 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:21 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा, नक्षत्र उत्तराषाढ़ा, योग Vishkumbha और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 12:04 – दोपहर 1:45 है।

सूर्योदय
तड़के 5:21
सूर्यास्त
शाम 6:47
तिथि
पूर्णिमा · रात 7:06 तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा · रात 9:35 तक
योग
Vishkumbha
करण
विष्टि
वार
बुधवार
राहु काल
दोपहर 12:04 – दोपहर 1:45
यमगंड
सुबह 7:02 – सुबह 8:43
गुलिक काल
सुबह 10:23 – दोपहर 12:04
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:30 – दोपहर 12:18
अमृत काल
सुबह 9:33 – सुबह 11:14

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आज वाराणसी में

बुध, 25 जुलाई 2029 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:21 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा, नक्षत्र उत्तराषाढ़ा, योग Vishkumbha और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 12:04 – दोपहर 1:45 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल वाराणसी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

वाराणसी – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
गुरु, 26 जुलाई 2029प्रतिपदाश्रवणदोपहर 1:45 – दोपहर 3:25
शुक्र, 27 जुलाई 2029द्वितीयाधनिष्ठासुबह 10:24 – दोपहर 12:04
शनि, 28 जुलाई 2029तृतीयाशतभिषासुबह 8:43 – सुबह 10:24
रवि, 29 जुलाई 2029चतुर्थीपूर्वा भाद्रपदशाम 5:04 – शाम 6:45
सोम, 30 जुलाई 2029पंचमीउत्तरा भाद्रपदसुबह 7:04 – सुबह 8:44
मंगल, 31 जुलाई 2029षष्ठीरेवतीदोपहर 3:24 – शाम 5:04

सामान्य प्रश्न

बुध, 25 जुलाई 2029 को वाराणसी में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा है; रात 7:06 तक।

बुध, 25 जुलाई 2029 को वाराणसी में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तराषाढ़ा है; रात 9:35 तक।

बुध, 25 जुलाई 2029 को वाराणसी में राहु काल कब है?

वाराणसी में राहु काल दोपहर 12:04 – दोपहर 1:45 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

बुध, 25 जुलाई 2029 को वाराणसी में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:21 और सूर्यास्त शाम 6:47 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।