दैनिक पंचांग
वाराणसी पंचांग, बुध, 11 जुलाई 2029
बुध, 11 जुलाई 2029 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:15 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अमावस्या, नक्षत्र आर्द्रा, योग ध्रुव और करण चतुष्पद है। राहु काल दोपहर 12:03 – दोपहर 1:45 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:15
- सूर्यास्त
- शाम 6:51
- तिथि
- अमावस्या · रात 9:21 तक
- नक्षत्र
- आर्द्रा · सुबह 11:36 तक
- योग
- ध्रुव
- करण
- चतुष्पद
- वार
- बुधवार
- राहु काल
- दोपहर 12:03 – दोपहर 1:45
- यमगंड
- सुबह 6:57 – सुबह 8:39
- गुलिक काल
- सुबह 10:21 – दोपहर 12:03
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:29 – दोपहर 12:17
- अमृत काल
- सुबह 9:30 – सुबह 11:12
आज वाराणसी में
बुध, 11 जुलाई 2029 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:15 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अमावस्या, नक्षत्र आर्द्रा, योग ध्रुव और करण चतुष्पद है। राहु काल दोपहर 12:03 – दोपहर 1:45 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल वाराणसी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| गुरु, 12 जुलाई 2029 | प्रतिपदा | पुनर्वसु | दोपहर 1:45 – दोपहर 3:27 |
| शुक्र, 13 जुलाई 2029 | द्वितीया | पुष्य | सुबह 10:21 – दोपहर 12:03 |
| शनि, 14 जुलाई 2029 | तृतीया | आश्लेषा | सुबह 8:40 – सुबह 10:22 |
| रवि, 15 जुलाई 2029 | चतुर्थी | मघा | शाम 5:09 – शाम 6:50 |
| सोम, 16 जुलाई 2029 | पंचमी | पूर्वा फाल्गुनी | सुबह 6:59 – सुबह 8:40 |
| मंगल, 17 जुलाई 2029 | षष्ठी | उत्तरा फाल्गुनी | दोपहर 3:27 – शाम 5:08 |
सामान्य प्रश्न
बुध, 11 जुलाई 2029 को वाराणसी में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि अमावस्या है; रात 9:21 तक।
बुध, 11 जुलाई 2029 को वाराणसी में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र आर्द्रा है; सुबह 11:36 तक।
बुध, 11 जुलाई 2029 को वाराणसी में राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल दोपहर 12:03 – दोपहर 1:45 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
बुध, 11 जुलाई 2029 को वाराणसी में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:15 और सूर्यास्त शाम 6:51 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।