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दैनिक पंचांग

वाराणसी पंचांग, सोम, 2 जुलाई 2029

सोम, 2 जुलाई 2029 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:11 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद, योग आयुष्मान और करण वणिज है। राहु काल सुबह 6:54 – सुबह 8:36 है।

सूर्योदय
तड़के 5:11
सूर्यास्त
शाम 6:52
तिथि
षष्ठी · सुबह 8:23 तक
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद · शाम 6:27 तक
योग
आयुष्मान
करण
वणिज
वार
सोमवार
राहु काल
सुबह 6:54 – सुबह 8:36
यमगंड
सुबह 10:19 – दोपहर 12:02
गुलिक काल
दोपहर 1:44 – दोपहर 3:27
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:27 – दोपहर 12:15
अमृत काल
सुबह 6:02 – सुबह 7:45

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आज वाराणसी में

सोम, 2 जुलाई 2029 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:11 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद, योग आयुष्मान और करण वणिज है। राहु काल सुबह 6:54 – सुबह 8:36 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल वाराणसी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

वाराणसी – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
मंगल, 3 जुलाई 2029सप्तमीउत्तरा भाद्रपददोपहर 3:27 – शाम 5:10
बुध, 4 जुलाई 2029अष्टमीरेवतीदोपहर 12:02 – दोपहर 1:45
गुरु, 5 जुलाई 2029नवमीअश्विनीदोपहर 1:45 – दोपहर 3:27
शुक्र, 6 जुलाई 2029दशमीभरणीसुबह 10:20 – दोपहर 12:02
शनि, 7 जुलाई 2029एकादशीभरणीसुबह 8:38 – सुबह 10:20
रवि, 8 जुलाई 2029द्वादशीकृत्तिकाशाम 5:09 – शाम 6:52

सामान्य प्रश्न

सोम, 2 जुलाई 2029 को वाराणसी में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि षष्ठी है; सुबह 8:23 तक।

सोम, 2 जुलाई 2029 को वाराणसी में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद है; शाम 6:27 तक।

सोम, 2 जुलाई 2029 को वाराणसी में राहु काल कब है?

वाराणसी में राहु काल सुबह 6:54 – सुबह 8:36 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

सोम, 2 जुलाई 2029 को वाराणसी में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:11 और सूर्यास्त शाम 6:52 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।