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दैनिक पंचांग

वाराणसी पंचांग, मंगल, 12 जून 2029

मंगल, 12 जून 2029 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:07 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अमावस्या, नक्षत्र मृगशिरा, योग धृति और करण नाग है। राहु काल दोपहर 3:23 – शाम 5:06 है।

सूर्योदय
तड़के 5:07
सूर्यास्त
शाम 6:48
तिथि
अमावस्या · सुबह 9:20 तक
नक्षत्र
मृगशिरा · रात 3:17 तक
योग
धृति
करण
नाग
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 3:23 – शाम 5:06
यमगंड
सुबह 8:32 – सुबह 10:15
गुलिक काल
सुबह 11:58 – दोपहर 1:40
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:23 – दोपहर 12:11
अमृत काल
सुबह 7:41 – सुबह 9:23

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आज वाराणसी में

मंगल, 12 जून 2029 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:07 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अमावस्या, नक्षत्र मृगशिरा, योग धृति और करण नाग है। राहु काल दोपहर 3:23 – शाम 5:06 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल वाराणसी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

वाराणसी – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 13 जून 2029प्रतिपदाआर्द्रासुबह 11:58 – दोपहर 1:40
गुरु, 14 जून 2029द्वितीयापुनर्वसुदोपहर 1:41 – दोपहर 3:23
शुक्र, 15 जून 2029तृतीयापुष्यसुबह 10:15 – सुबह 11:58
शनि, 16 जून 2029चतुर्थीआश्लेषासुबह 8:33 – सुबह 10:16
रवि, 17 जून 2029पंचमीमघाशाम 5:07 – शाम 6:50
सोम, 18 जून 2029षष्ठीपूर्वा फाल्गुनीसुबह 6:50 – सुबह 8:33

सामान्य प्रश्न

मंगल, 12 जून 2029 को वाराणसी में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि अमावस्या है; सुबह 9:20 तक।

मंगल, 12 जून 2029 को वाराणसी में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र मृगशिरा है; रात 3:17 तक।

मंगल, 12 जून 2029 को वाराणसी में राहु काल कब है?

वाराणसी में राहु काल दोपहर 3:23 – शाम 5:06 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 12 जून 2029 को वाराणसी में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:07 और सूर्यास्त शाम 6:48 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।