दैनिक पंचांग
उज्जैन पंचांग, सोम, 10 नवंबर 2031
सोम, 10 नवंबर 2031 को उज्जैन में सूर्योदय सुबह 6:36 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी, योग ब्रह्म और करण बव है। राहु काल सुबह 8:00 – सुबह 9:23 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:36
- सूर्यास्त
- शाम 5:44
- तिथि
- एकादशी · सुबह 6:02 तक
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनी · दोपहर 12:08 तक
- योग
- ब्रह्म
- करण
- बव
- वार
- सोमवार
- राहु काल
- सुबह 8:00 – सुबह 9:23
- यमगंड
- सुबह 10:47 – दोपहर 12:10
- गुलिक काल
- दोपहर 1:33 – दोपहर 2:57
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:42 – दोपहर 12:30
- अमृत काल
- सुबह 7:18 – सुबह 8:42
आज उज्जैन में
सोम, 10 नवंबर 2031 को उज्जैन में सूर्योदय सुबह 6:36 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी, योग ब्रह्म और करण बव है। राहु काल सुबह 8:00 – सुबह 9:23 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल उज्जैन के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| मंगल, 11 नवंबर 2031 | एकादशी | उत्तरा फाल्गुनी | दोपहर 2:57 – शाम 4:20 |
| बुध, 12 नवंबर 2031 | द्वादशी | हस्त | दोपहर 12:10 – दोपहर 1:33 |
| गुरु, 13 नवंबर 2031 | त्रयोदशी | चित्रा | दोपहर 1:33 – दोपहर 2:56 |
| शुक्र, 14 नवंबर 2031 | अमावस्या | स्वाती | सुबह 10:48 – दोपहर 12:11 |
| शनि, 15 नवंबर 2031 | प्रतिपदा | विशाखा | सुबह 9:25 – सुबह 10:48 |
| रवि, 16 नवंबर 2031 | द्वितीया | अनुराधा | शाम 4:19 – शाम 5:41 |
सामान्य प्रश्न
सोम, 10 नवंबर 2031 को उज्जैन में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि एकादशी है; सुबह 6:02 तक।
सोम, 10 नवंबर 2031 को उज्जैन में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी है; दोपहर 12:08 तक।
सोम, 10 नवंबर 2031 को उज्जैन में राहु काल कब है?
उज्जैन में राहु काल सुबह 8:00 – सुबह 9:23 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
सोम, 10 नवंबर 2031 को उज्जैन में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:36 और सूर्यास्त शाम 5:44 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।