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दैनिक पंचांग

उज्जैन पंचांग, रवि, 21 सितंबर 2031

रवि, 21 सितंबर 2031 को उज्जैन में सूर्योदय सुबह 6:15 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र विशाखा, योग इन्द्र और करण बव है। राहु काल शाम 4:53 – शाम 6:24 है।

सूर्योदय
सुबह 6:15
सूर्यास्त
शाम 6:24
तिथि
पंचमी · रात 10:49 तक
नक्षत्र
विशाखा · रात 9:14 तक
योग
इन्द्र
करण
बव
वार
रविवार
राहु काल
शाम 4:53 – शाम 6:24
यमगंड
दोपहर 12:19 – दोपहर 1:51
गुलिक काल
दोपहर 3:22 – शाम 4:53
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:49 – दोपहर 12:37
अमृत काल
दोपहर 1:05 – दोपहर 2:36

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आज उज्जैन में

रवि, 21 सितंबर 2031 को उज्जैन में सूर्योदय सुबह 6:15 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र विशाखा, योग इन्द्र और करण बव है। राहु काल शाम 4:53 – शाम 6:24 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल उज्जैन के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

उज्जैन – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
सोम, 22 सितंबर 2031षष्ठीअनुराधासुबह 7:46 – सुबह 9:17
मंगल, 23 सितंबर 2031सप्तमीज्येष्ठादोपहर 3:20 – शाम 4:51
बुध, 24 सितंबर 2031अष्टमीमूलदोपहर 12:18 – दोपहर 1:49
गुरु, 25 सितंबर 2031नवमीपूर्वाषाढ़ादोपहर 1:49 – दोपहर 3:19
शुक्र, 26 सितंबर 2031दशमीउत्तराषाढ़ासुबह 10:47 – दोपहर 12:18
शनि, 27 सितंबर 2031एकादशीश्रवणसुबह 9:17 – सुबह 10:47

सामान्य प्रश्न

रवि, 21 सितंबर 2031 को उज्जैन में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि पंचमी है; रात 10:49 तक।

रवि, 21 सितंबर 2031 को उज्जैन में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र विशाखा है; रात 9:14 तक।

रवि, 21 सितंबर 2031 को उज्जैन में राहु काल कब है?

उज्जैन में राहु काल शाम 4:53 – शाम 6:24 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

रवि, 21 सितंबर 2031 को उज्जैन में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:15 और सूर्यास्त शाम 6:24 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।