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दैनिक पंचांग

उज्जैन पंचांग, शनि, 10 मई 2031

शनि, 10 मई 2031 को उज्जैन में सूर्योदय तड़के 5:48 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र मूल, योग शिव और करण बव है। राहु काल सुबह 9:05 – सुबह 10:44 है।

सूर्योदय
तड़के 5:48
सूर्यास्त
शाम 6:58
तिथि
चतुर्थी · रात 9:11 तक
नक्षत्र
मूल · रात 8:54 तक
योग
शिव
करण
बव
वार
शनिवार
राहु काल
सुबह 9:05 – सुबह 10:44
यमगंड
दोपहर 2:02 – दोपहर 3:40
गुलिक काल
तड़के 5:48 – सुबह 7:27
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:50 – दोपहर 12:38
अमृत काल
दोपहर 2:51 – शाम 4:30

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आज उज्जैन में

शनि, 10 मई 2031 को उज्जैन में सूर्योदय तड़के 5:48 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र मूल, योग शिव और करण बव है। राहु काल सुबह 9:05 – सुबह 10:44 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल उज्जैन के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

उज्जैन – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
रवि, 11 मई 2031पंचमीपूर्वाषाढ़ाशाम 5:20 – शाम 6:58
सोम, 12 मई 2031षष्ठीउत्तराषाढ़ासुबह 7:26 – सुबह 9:05
मंगल, 13 मई 2031सप्तमीश्रवणदोपहर 3:41 – शाम 5:20
बुध, 14 मई 2031अष्टमीधनिष्ठादोपहर 12:23 – दोपहर 2:02
गुरु, 15 मई 2031नवमीशतभिषादोपहर 2:02 – दोपहर 3:42
शुक्र, 16 मई 2031दशमीपूर्वा भाद्रपदसुबह 10:43 – दोपहर 12:23

सामान्य प्रश्न

शनि, 10 मई 2031 को उज्जैन में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी है; रात 9:11 तक।

शनि, 10 मई 2031 को उज्जैन में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र मूल है; रात 8:54 तक।

शनि, 10 मई 2031 को उज्जैन में राहु काल कब है?

उज्जैन में राहु काल सुबह 9:05 – सुबह 10:44 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शनि, 10 मई 2031 को उज्जैन में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:48 और सूर्यास्त शाम 6:58 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।