सामग्री पर जाएँ

दैनिक पंचांग

उज्जैन पंचांग, सोम, 21 जनवरी 2030

सोम, 21 जनवरी 2030 को उज्जैन में सूर्योदय सुबह 7:09 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र आश्लेषा, योग प्रीति और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 8:31 – सुबह 9:54 है।

सूर्योदय
सुबह 7:09
सूर्यास्त
शाम 6:06
तिथि
द्वितीया · रात 8:32 तक
नक्षत्र
आश्लेषा · शाम 6:10 तक
योग
प्रीति
करण
तैतिल
वार
सोमवार
राहु काल
सुबह 8:31 – सुबह 9:54
यमगंड
सुबह 11:16 – दोपहर 12:38
गुलिक काल
दोपहर 2:00 – दोपहर 3:22
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 12:10 – दोपहर 12:58
अमृत काल
सुबह 7:50 – सुबह 9:12

पूरा पंचांग खोलें

आज उज्जैन में

सोम, 21 जनवरी 2030 को उज्जैन में सूर्योदय सुबह 7:09 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र आश्लेषा, योग प्रीति और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 8:31 – सुबह 9:54 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल उज्जैन के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

उज्जैन – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
मंगल, 22 जनवरी 2030तृतीयामघादोपहर 3:22 – शाम 4:45
बुध, 23 जनवरी 2030चतुर्थीपूर्वा फाल्गुनीदोपहर 12:38 – दोपहर 2:01
गुरु, 24 जनवरी 2030पंचमीउत्तरा फाल्गुनीदोपहर 2:01 – दोपहर 3:23
शुक्र, 25 जनवरी 2030षष्ठीहस्तसुबह 11:16 – दोपहर 12:39
शनि, 26 जनवरी 2030सप्तमीचित्रासुबह 9:54 – सुबह 11:16
रवि, 27 जनवरी 2030अष्टमीस्वातीशाम 4:47 – शाम 6:10

सामान्य प्रश्न

सोम, 21 जनवरी 2030 को उज्जैन में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि द्वितीया है; रात 8:32 तक।

सोम, 21 जनवरी 2030 को उज्जैन में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र आश्लेषा है; शाम 6:10 तक।

सोम, 21 जनवरी 2030 को उज्जैन में राहु काल कब है?

उज्जैन में राहु काल सुबह 8:31 – सुबह 9:54 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

सोम, 21 जनवरी 2030 को उज्जैन में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 7:09 और सूर्यास्त शाम 6:06 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।