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दैनिक पंचांग

उज्जैन पंचांग, मंगल, 25 दिसंबर 2029

मंगल, 25 दिसंबर 2029 को उज्जैन में सूर्योदय सुबह 7:05 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र आश्लेषा, योग Vishkumbha और करण बालव है। राहु काल दोपहर 3:07 – शाम 4:28 है।

सूर्योदय
सुबह 7:05
सूर्यास्त
शाम 5:48
तिथि
चतुर्थी · सुबह 6:54 तक
नक्षत्र
आश्लेषा · सुबह 11:54 तक
योग
Vishkumbha
करण
बालव
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 3:07 – शाम 4:28
यमगंड
सुबह 9:46 – सुबह 11:06
गुलिक काल
दोपहर 12:26 – दोपहर 1:47
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 12:00 – दोपहर 12:48
अमृत काल
सुबह 9:06 – सुबह 10:26

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आज उज्जैन में

मंगल, 25 दिसंबर 2029 को उज्जैन में सूर्योदय सुबह 7:05 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र आश्लेषा, योग Vishkumbha और करण बालव है। राहु काल दोपहर 3:07 – शाम 4:28 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल उज्जैन के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

उज्जैन – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 26 दिसंबर 2029पंचमीमघादोपहर 12:27 – दोपहर 1:47
गुरु, 27 दिसंबर 2029सप्तमीपूर्वा फाल्गुनीदोपहर 1:48 – दोपहर 3:08
शुक्र, 28 दिसंबर 2029अष्टमीउत्तरा फाल्गुनीसुबह 11:07 – दोपहर 12:28
शनि, 29 दिसंबर 2029नवमीहस्तसुबह 9:48 – सुबह 11:08
रवि, 30 दिसंबर 2029दशमीचित्राशाम 4:30 – शाम 5:51
सोम, 31 दिसंबर 2029एकादशीस्वातीसुबह 8:28 – सुबह 9:48

सामान्य प्रश्न

मंगल, 25 दिसंबर 2029 को उज्जैन में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी है; सुबह 6:54 तक।

मंगल, 25 दिसंबर 2029 को उज्जैन में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र आश्लेषा है; सुबह 11:54 तक।

मंगल, 25 दिसंबर 2029 को उज्जैन में राहु काल कब है?

उज्जैन में राहु काल दोपहर 3:07 – शाम 4:28 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 25 दिसंबर 2029 को उज्जैन में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 7:05 और सूर्यास्त शाम 5:48 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।