दैनिक पंचांग
उज्जैन पंचांग, गुरु, 22 नवंबर 2029
गुरु, 22 नवंबर 2029 को उज्जैन में सूर्योदय सुबह 6:45 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र रोहिणी, योग परिघ और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 1:34 – दोपहर 2:56 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:45
- सूर्यास्त
- शाम 5:40
- तिथि
- प्रतिपदा · सुबह 11:53 तक
- नक्षत्र
- रोहिणी · रात 10:38 तक
- योग
- परिघ
- करण
- कौलव
- वार
- गुरुवार
- राहु काल
- दोपहर 1:34 – दोपहर 2:56
- यमगंड
- सुबह 6:45 – सुबह 8:07
- गुलिक काल
- सुबह 9:29 – सुबह 10:50
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:45 – दोपहर 12:33
- अमृत काल
- सुबह 11:31 – दोपहर 12:53
आज उज्जैन में
गुरु, 22 नवंबर 2029 को उज्जैन में सूर्योदय सुबह 6:45 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र रोहिणी, योग परिघ और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 1:34 – दोपहर 2:56 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल उज्जैन के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शुक्र, 23 नवंबर 2029 | द्वितीया | मृगशिरा | सुबह 10:51 – दोपहर 12:13 |
| शनि, 24 नवंबर 2029 | तृतीया | आर्द्रा | सुबह 9:29 – सुबह 10:51 |
| रवि, 25 नवंबर 2029 | चतुर्थी | पुनर्वसु | शाम 4:18 – शाम 5:40 |
| सोम, 26 नवंबर 2029 | पंचमी | पुष्य | सुबह 8:09 – सुबह 9:30 |
| मंगल, 27 नवंबर 2029 | षष्ठी | पुष्य | दोपहर 2:57 – शाम 4:18 |
| बुध, 28 नवंबर 2029 | सप्तमी | आश्लेषा | दोपहर 12:14 – दोपहर 1:36 |
सामान्य प्रश्न
गुरु, 22 नवंबर 2029 को उज्जैन में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा है; सुबह 11:53 तक।
गुरु, 22 नवंबर 2029 को उज्जैन में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र रोहिणी है; रात 10:38 तक।
गुरु, 22 नवंबर 2029 को उज्जैन में राहु काल कब है?
उज्जैन में राहु काल दोपहर 1:34 – दोपहर 2:56 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
गुरु, 22 नवंबर 2029 को उज्जैन में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:45 और सूर्यास्त शाम 5:40 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।