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दैनिक पंचांग

उज्जैन पंचांग, मंगल, 9 अक्टूबर 2029

मंगल, 9 अक्टूबर 2029 को उज्जैन में सूर्योदय सुबह 6:21 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र स्वाती, योग Vishkumbha और करण बालव है। राहु काल दोपहर 3:10 – शाम 4:38 है।

सूर्योदय
सुबह 6:21
सूर्यास्त
शाम 6:06
तिथि
द्वितीया · शाम 5:11 तक
नक्षत्र
स्वाती · रात 11:14 तक
योग
Vishkumbha
करण
बालव
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 3:10 – शाम 4:38
यमगंड
सुबह 9:17 – सुबह 10:45
गुलिक काल
दोपहर 12:13 – दोपहर 1:42
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:44 – दोपहर 12:32
अमृत काल
सुबह 8:33 – सुबह 10:01

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आज उज्जैन में

मंगल, 9 अक्टूबर 2029 को उज्जैन में सूर्योदय सुबह 6:21 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र स्वाती, योग Vishkumbha और करण बालव है। राहु काल दोपहर 3:10 – शाम 4:38 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल उज्जैन के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

उज्जैन – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 10 अक्टूबर 2029तृतीयाविशाखादोपहर 12:13 – दोपहर 1:41
गुरु, 11 अक्टूबर 2029चतुर्थीअनुराधादोपहर 1:41 – दोपहर 3:09
शुक्र, 12 अक्टूबर 2029पंचमीज्येष्ठासुबह 10:45 – दोपहर 12:13
शनि, 13 अक्टूबर 2029षष्ठीमूलसुबह 9:17 – सुबह 10:45
रवि, 14 अक्टूबर 2029अष्टमीपूर्वाषाढ़ाशाम 4:34 – शाम 6:02
सोम, 15 अक्टूबर 2029नवमीउत्तराषाढ़ासुबह 7:50 – सुबह 9:18

सामान्य प्रश्न

मंगल, 9 अक्टूबर 2029 को उज्जैन में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि द्वितीया है; शाम 5:11 तक।

मंगल, 9 अक्टूबर 2029 को उज्जैन में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र स्वाती है; रात 11:14 तक।

मंगल, 9 अक्टूबर 2029 को उज्जैन में राहु काल कब है?

उज्जैन में राहु काल दोपहर 3:10 – शाम 4:38 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 9 अक्टूबर 2029 को उज्जैन में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:21 और सूर्यास्त शाम 6:06 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।