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दैनिक पंचांग

उज्जैन पंचांग, गुरु, 12 जुलाई 2029

गुरु, 12 जुलाई 2029 को उज्जैन में सूर्योदय तड़के 5:48 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र पुनर्वसु, योग व्याघात और करण किंस्तुघ्न है। राहु काल दोपहर 2:13 – दोपहर 3:54 है।

सूर्योदय
तड़के 5:48
सूर्यास्त
रात 7:16
तिथि
प्रतिपदा · रात 8:30 तक
नक्षत्र
पुनर्वसु · सुबह 11:42 तक
योग
व्याघात
करण
किंस्तुघ्न
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 2:13 – दोपहर 3:54
यमगंड
तड़के 5:48 – सुबह 7:29
गुलिक काल
सुबह 9:10 – सुबह 10:51
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:58 – दोपहर 12:46
अमृत काल
सुबह 11:41 – दोपहर 1:22

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आज उज्जैन में

गुरु, 12 जुलाई 2029 को उज्जैन में सूर्योदय तड़के 5:48 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र पुनर्वसु, योग व्याघात और करण किंस्तुघ्न है। राहु काल दोपहर 2:13 – दोपहर 3:54 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल उज्जैन के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

उज्जैन – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 13 जुलाई 2029द्वितीयापुष्यसुबह 10:51 – दोपहर 12:32
शनि, 14 जुलाई 2029तृतीयाआश्लेषासुबह 9:11 – सुबह 10:51
रवि, 15 जुलाई 2029चतुर्थीमघाशाम 5:34 – रात 7:15
सोम, 16 जुलाई 2029पंचमीपूर्वा फाल्गुनीसुबह 7:31 – सुबह 9:11
मंगल, 17 जुलाई 2029षष्ठीउत्तरा फाल्गुनीदोपहर 3:53 – शाम 5:34
बुध, 18 जुलाई 2029सप्तमीचित्रादोपहर 12:33 – दोपहर 2:13

सामान्य प्रश्न

गुरु, 12 जुलाई 2029 को उज्जैन में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा है; रात 8:30 तक।

गुरु, 12 जुलाई 2029 को उज्जैन में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पुनर्वसु है; सुबह 11:42 तक।

गुरु, 12 जुलाई 2029 को उज्जैन में राहु काल कब है?

उज्जैन में राहु काल दोपहर 2:13 – दोपहर 3:54 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 12 जुलाई 2029 को उज्जैन में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:48 और सूर्यास्त रात 7:16 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।