दैनिक पंचांग
उज्जैन पंचांग, शुक्र, 18 मई 2029
शुक्र, 18 मई 2029 को उज्जैन में सूर्योदय तड़के 5:44 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र पुनर्वसु, योग धृति और करण बव है। राहु काल सुबह 10:43 – दोपहर 12:23 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:44
- सूर्यास्त
- रात 7:02
- तिथि
- पंचमी · रात 12:00 तक
- नक्षत्र
- पुनर्वसु · रात 11:04 तक
- योग
- धृति
- करण
- बव
- वार
- शुक्रवार
- राहु काल
- सुबह 10:43 – दोपहर 12:23
- यमगंड
- दोपहर 3:42 – शाम 5:22
- गुलिक काल
- सुबह 7:24 – सुबह 9:03
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:50 – दोपहर 12:38
- अमृत काल
- दोपहर 1:13 – दोपहर 2:53
आज उज्जैन में
शुक्र, 18 मई 2029 को उज्जैन में सूर्योदय तड़के 5:44 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र पुनर्वसु, योग धृति और करण बव है। राहु काल सुबह 10:43 – दोपहर 12:23 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल उज्जैन के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शनि, 19 मई 2029 | षष्ठी | पुष्य | सुबह 9:03 – सुबह 10:43 |
| रवि, 20 मई 2029 | सप्तमी | आश्लेषा | शाम 5:23 – रात 7:03 |
| सोम, 21 मई 2029 | अष्टमी | मघा | सुबह 7:23 – सुबह 9:03 |
| मंगल, 22 मई 2029 | नवमी | पूर्वा फाल्गुनी | दोपहर 3:43 – शाम 5:24 |
| बुध, 23 मई 2029 | दशमी | उत्तरा फाल्गुनी | दोपहर 12:23 – दोपहर 2:03 |
| गुरु, 24 मई 2029 | एकादशी | हस्त | दोपहर 2:04 – दोपहर 3:44 |
सामान्य प्रश्न
शुक्र, 18 मई 2029 को उज्जैन में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि पंचमी है; रात 12:00 तक।
शुक्र, 18 मई 2029 को उज्जैन में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र पुनर्वसु है; रात 11:04 तक।
शुक्र, 18 मई 2029 को उज्जैन में राहु काल कब है?
उज्जैन में राहु काल सुबह 10:43 – दोपहर 12:23 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शुक्र, 18 मई 2029 को उज्जैन में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:44 और सूर्यास्त रात 7:02 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।